चंडीगढ़/बहादुरगढ़: देश के 10 राज्यों में फैले बच्चों की तस्करी (Child Trafficking) के एक बहुत बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने में हरियाणा पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। यह गैंग अब तक करीब 50 नवजात बच्चों (Infants) का सौदा कर चुका था। पुलिस ने इस पूरे काले धंधे के मास्टरमाइंड परगट सिंह को पंजाब के मुक्तसर से दबोच लिया है। यह गिरफ्तारी कोई आसान काम नहीं थी, पुलिस को इस शातिर सरगना तक पहुँचने के लिए लगातार 4 महीने तक पीछा करना पड़ा।
पंजाब से महाराष्ट्र और सिलीगुड़ी तक फैले थे तार
बहादुरगढ़ के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) मयंक मिश्रा ने इस पूरे बड़े ऑपरेशन की कमान संभाली। उन्होंने बताया कि यह नेटवर्क सिर्फ किसी एक इलाके तक सीमित नहीं था। पंजाब से शुरू होकर इसके तार महाराष्ट्र, गुजरात और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी जैसे सुदूर इलाकों तक फैले हुए थे। इस गैंग में पंजाब के एक ही परिवार के कई सदस्य और उनके करीबी मददगार शामिल थे, जो मिलकर नवजात बच्चों को चंद रुपयों के लिए देश के अलग-अलग कोनों में बेच दिया करते थे।
अब तक 21 लोग गिरफ्तार, अवैध रूप से गोद लेने वाले माता-पिता भी नपे
पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई में अब तक कुल 21 लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार किए गए लोगों में 5 ऐसे माता-पिता भी शामिल हैं, जिन्होंने कानूनी प्रक्रियाओं को ताक पर रखकर इस गैंग से अवैध रूप से बच्चे खरीदे (Adopt) थे। पुलिस इस मामले में बेहद सख्त रुख अपना रही है ताकि बच्चों की खरीद-फरोख्त करने वालों को कड़ा सबक मिल सके।
असली मां-बाप की तलाश में जुटी पुलिस
मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन बदनसीब बच्चों के असली (Biological) माता-पिता को ढूंढने की है, जिनसे ये बच्चे अलग किए गए थे। डीसीपी मयंक मिश्रा के मुताबिक, मामले की जांच अभी खत्म नहीं हुई है। पुलिस टीम हर एक कलीदार कड़ी को जोड़ने में जुटी है और आने वाले दिनों में इस रैकेट से जुड़े कई और बड़े चेहरों के बेनकाब होने की उम्मीद है।




