World News: पाकिस्तान और ईरान के बीच रणनीतिक और व्यापारिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण सीमा मार्गों पर व्यापारिक गतिविधियों को अचानक रोक दिया गया है। इस्लामाबाद द्वारा लिए गए इस फैसले के तहत गब्द-रिमदान (Gabd-Rimdan) और तफ्तान (Taftan) बॉर्डर क्रॉसिंग से होने वाले सीमा पार व्यापार (cross-border trade) को फिलहाल अस्थायी रूप से निलंबित (suspended) कर दिया गया है। अचानक लिए गए इस कदम से सीमावर्ती इलाकों में हड़कंप मच गया है और दोनों ओर आवश्यक वस्तुओं से लदी सैकड़ों मालवाहक गाड़ियां (cargo trucks) कतारों में फंसी हुई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस निलंबन का सीधा असर पाकिस्तान के घरेलू बाजार पर पड़ सकता है, खासकर लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) की आपूर्ति बुरी तरह लड़खड़ा सकती है। ईरान से पाकिस्तान में एलपीजी के अलावा चावल और ताजे फलों जैसी आवश्यक वस्तुओं का भारी मात्रा में आयात (import) होता है। यदि यह गतिरोध लंबा खिंचता है, तो पाकिस्तान में ईंधन का बड़ा संकट खड़ा होने का गंभीर जोखिम (risk) है।
दिलचस्प बात यह है कि सीमा बंद करने की वजह को लेकर दोनों देशों के आधिकारिक बयानों में स्पष्ट मतभेद (discrepancy) नजर आ रहा है। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार शाहिद रिंद के अनुसार, पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्रालय (Ministry of Commerce) ने सीमा पर सुरक्षा प्रबंधों को कड़ा करने, अवैध तस्करी (smuggling) पर लगाम लगाने और प्रशासनिक खामियों को दुरुस्त करने के लिए यह अधिसूचना (notification) जारी की है।
दूसरी तरफ तेहरान का रुख इससे बिल्कुल अलग है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सुरक्षा या तस्करी जैसे दावों को नजरअंदाज करते हुए इसे महज एक तकनीकी समस्या (technical glitch) बताया है। हालांकि ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी इरना (IRNA) के मुताबिक, दोनों मुल्कों के अधिकारी गतिरोध को समाप्त कर व्यापार बहाली के लिए राजनयिक स्तर (diplomatic level) पर संपर्क में हैं। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान और ईरान लगभग 909 किलोमीटर की लंबी सीमा साझा करते हैं, जहां तफ्तान-मिरजावेह और गब्द-रिमदान सहित कुल चार आधिकारिक प्रवेश बिंदु हैं। ऐसे में आर्थिक दबाव झेल रहे पाकिस्तान के लिए इस व्यापारिक नाकाबंदी से जल्द बाहर निकलना एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।



