Virat Bharat / Haryana News: हरियाणा सरकार ने चंडीगढ़ में सरकारी आवासों में रहने वाले कर्मचारियों के लिए रूफटॉप सोलर ऊर्जा प्रणाली को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों और मुख्य प्रशासकों से कहा है कि संबंधित कर्मचारी 10 जुलाई 2026 तक अपना अंडरटेकिंग फॉर्म अनिवार्य रूप से जमा कर दें।

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सरकार का उद्देश्य क्या है

यह कदम केंद्र सरकार की उस पहल के तहत उठाया गया है, जिसका मकसद सरकारी आवासीय भवनों में रूफटॉप सोलर सिस्टम की संख्या बढ़ाना और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है। इसी क्रम में चंडीगढ़ प्रशासन की हाउस अलॉटमेंट कमेटी ने भी संबंधित कर्मचारियों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक सरकारी भवन सौर ऊर्जा से जुड़ें ताकि पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम हो और ऊर्जा बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिले।

फॉर्म में क्या जानकारी देनी होगी

अंडरटेकिंग फॉर्म में कर्मचारियों को यह बताना होगा कि वे रूफटॉप सोलर सिस्टम से मिलने वाली बिजली का उपयोग करना चाहते हैं या नहीं। यदि कोई कर्मचारी इस सुविधा का लाभ लेना चाहता है तो उसे अपनी सहमति देनी होगी और निर्धारित उपयोगकर्ता शुल्क भी स्वीकार करना होगा।

जो कर्मचारी इस सुविधा का उपयोग नहीं करना चाहते, वे भी फॉर्म में उपलब्ध विकल्प के जरिए अपनी असहमति दर्ज कर सकते हैं। जिन मामलों में यह व्यवस्था लागू नहीं होती, उनके लिए भी अलग विकल्प रखा गया है।

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रखरखाव के लिए परिसर में प्रवेश देना होगा

सरकार ने फॉर्म में यह भी स्पष्ट किया है कि सोलर सुविधा चुनने वाले कर्मचारियों को अधिकृत तकनीकी कर्मचारियों को परिसर में प्रवेश की अनुमति देनी होगी। इसका उद्देश्य समय-समय पर सोलर सिस्टम की जांच, मरम्मत और रखरखाव सुनिश्चित करना है ताकि व्यवस्था बिना किसी बाधा के चलती रहे।

समय पर फॉर्म नहीं दिया तो क्या होगा

हाउस अलॉटमेंट कमेटी ने साफ किया है कि यदि कोई कर्मचारी 10 जुलाई 2026 तक अपना अंडरटेकिंग फॉर्म जमा नहीं करता है तो इसे इस रूप में माना जाएगा कि उसने रूफटॉप सोलर ऊर्जा प्रणाली का लाभ लेने के लिए सहमति नहीं दी है। इसलिए पात्र कर्मचारियों के लिए तय समय सीमा के भीतर फॉर्म जमा करना जरूरी है।