शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर आज अयोध्या में सबसे बड़ी महाबैठक: चंपत राय के इस्तीफे पर होगा आर-पार का फैसला, देखें ताजा अपडेट!

Written by: Priyanshi Rao

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आज 6 जुलाई को अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक। चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर होगा अंतिम फैसला। एसआईटी (SIT) की अंतरिम जांच रिपोर्ट और निष्कर्षों पर होगी समीक्षा। चढ़ावा पारदर्शी बनाने के लिए नए सीईओ (CEO) की नियुक्ति का प्रस्ताव।


अयोध्या/नई दिल्ली (समाचार डेस्क): उत्तर प्रदेश की पावन नगरी अयोध्या इस समय एक अभूतपूर्व प्रशासनिक और धार्मिक संकट के दौर से गुजर रही है। राम मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए जाने वाले चढ़ावे और कीमती आभूषणों की कथित चोरी और अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust आज सोमवार 6 जुलाई 2026 को अपनी सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक बैठक आयोजित कर रहा है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब विपक्ष इस मुद्दे को लेकर लगातार आक्रामक है और करोड़ों राम भक्तों की आस्था को गहरा झटका लगा है।

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मणिराम दास छावनी से शिफ्ट होकर मंदिर परिसर में सजा महामंथन

विराट भारत की वरिष्ठ संपादक प्रियांशी राव की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, पहले यह बैठक अयोध्या के प्रसिद्ध मणिराम दास छावनी क्षेत्र में होने वाली थी, लेकिन सुरक्षा और संवेदनशीलता को देखते हुए इसे राम मंदिर परिसर के भीतर ही स्थानांतरित कर दिया गया है।

इस बैठक की आधिकारिक सूचना ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज द्वारा जारी की गई थी। बैठक में शामिल होने के लिए देश भर से प्रमुख ट्रस्टी और संत अयोध्या पहुंच चुके हैं। बैठक का मुख्य एजेंडा मंदिर की साख को बचाना और दान व्यवस्था में लगे कर्मचारियों की जवाबदेही तय करना है।

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चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर अटकी सबकी निगाहें

इस बैठक का सबसे बड़ा और संवेदनशील मुद्दा ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और वरिष्ठ ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर होने वाला फैसला है। चढ़ावा चोरी का विवाद सामने आने के बाद दोनों ही पदाधिकारियों ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पदों से त्यागपत्र की पेशकश की थी।

हालांकि India Today की प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार ट्रस्ट डीड के कड़े नियमों के मुताबिक किसी भी सदस्य को हटाना या उसका इस्तीफा मंजूर करना आसान नहीं है। इसके लिए कुल वोटिंग अधिकारों वाले 12 सदस्यों में से कम से कम दो-तिहाई यानी 8 सदस्यों का लिखित समर्थन होना अनिवार्य है, जिस पर आज सामूहिक राय ली जाएगी।

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एसआईटी की फाइंडिंग्स और 8 आरोपियों की गिरफ्तारी पर होगी समीक्षा

इस पूरे विवाद की जड़ में वह कथित चंदा घोटाला है जिसकी जांच उत्तर प्रदेश सरकार की 3 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) कर रही है। अयोध्या पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी गौरव ग्रोवर के अनुसार, एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर अब तक कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में लिया जा चुका है।

आज की बैठक में कोषाध्यक्ष एसआईटी के अब तक के निष्कर्षों को सभी सदस्यों के सामने रखेंगे। साथ ही, भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को पूरी तरह रोकने के लिए मंदिर में एक पेशेवर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त करने और कैश-काउंटिंग के लिए आधुनिक डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने पर भी अंतिम मुहर लग सकती है।

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Priyanshi Rao
About the Author Priyanshi Rao

प्रियांशी यादव 'विराट भारत न्यूज़' में वरिष्ठ राजनीति एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों की विश्लेषक हैं। वे राष्ट्रीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों, संसदीय कार्यवाहियों और वैश्विक कूटनीति पर पैनी नज़र रखती हैं। उनके विश्लेषणात्मक लेख पाठकों को जटिल राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों की सरल समझ प्रदान करते हैं। View all posts by Priyanshi Rao →

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