हरियाणारोहतक

Rohtak Farmer Worker Protest: रोहतक में किसान-मजदूरों का बड़ा ऐलान, 10 अगस्त को मानसरोवर पार्क से होगा ‘जेल भरो आंदोलन’

रोहतक (हरियाणा): केंद्र सरकार की कथित किसान-मजदूर विरोधी नीतियों, नए लेबर कोड्स और बिजली क्षेत्र को कॉर्पोरेट घरानों के सुपुर्द करने के फैसलों के खिलाफ किसान और मजदूर संगठनों ने एकजुट होकर आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। रोहतक में आयोजित एक संयुक्त समीक्षा बैठक के बाद विभिन्न यूनियनों के प्रतिनिधियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और 10 अगस्त 2026 को जिले भर से लामबंद होकर मानसरोवर पार्क से देशव्यापी ‘जेल भरो आंदोलन’ की शुरुआत करने का बड़ा ऐलान किया।

चार लेबर कोड्स से ट्रेड यूनियनों पर हमला

प्रदर्शन के दौरान किसान सभा के जिला प्रधान सुनील ने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार देशी और विदेशी कॉर्पोरेट्स को फायदा पहुंचाने के लिए देश को गहरे आर्थिक और सामाजिक संकट में धकेल रही है।

सुनील ने कहा की सरकार ने 21 नवंबर 2025 को चार नए लेबर कोड अधिसूचित किए और मई 2026 में इनके नियम लागू किए। इसका सीधा मकसद मजदूर यूनियनों को पंगु बनाना है।

यह भी पढ़ें -Sirsa Fast Track Court Decision: सिरसा में छात्रा से छेड़छाड़ करने वाले दोषियों पर कोर्ट का बड़ा फैसला, एक को 5 साल और दूसरे को 2 साल की जेल

नए नियमों से ट्रेड यूनियनों का रजिस्ट्रेशन और मान्यता हासिल करना बेहद मुश्किल हो जाएगा जबकि उन्हें रद्द करना आसान। नए श्रम कानूनों में यूनियन नेताओं को अपराधी की तरह देखा जाएगा जबकि मिल मालिकों को सभी कानूनी अपराधों से पूरी तरह छूट (डिक्रिमिनलाइज) दे दी गई है।

मनरेगा पर संकट और ठेका श्रमिकों का बढ़ता गुस्सा

सीटू (CITU) नेता सतबीर सिंह ने मनरेगा और रोजगार गारंटी कानून में किए जा रहे बदलावों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि काम मांगने के अधिकार (Demand-based Employment) और मनरेगा को खत्म करके केंद्र की तरफ से अपनी योजना थोपने की कोशिशों के खिलाफ यह जनआंदोलन खड़ा हो रहा है।

यह भी पढ़ें -Faridabad Job Fair: फरीदाबाद के बड़खल में कल लगेगा बड़ा रोजगार मेला, 10वीं पास से लेकर ग्रेजुएट युवाओं को मिलेगी सीधी नौकरी

सतबीर सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि पिछले कुछ महीनों में बरौनी से लेकर पानीपत, मानेसर, सूरत, फरीदाबाद, नोएडा और नीमराना जैसे औद्योगिक हबों में फिक्स्ड-टर्म (निश्चित अवधि) और कॉन्ट्रैक्ट वर्करों का गुस्सा सड़कों पर फूटा है। यह केंद्र सरकार के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है।

व्यापार समझौतों से कृषि और MSME क्षेत्र में तबाही की आशंका

भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष रणधीर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) जैसे देशों के साथ जिस तरह के मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की ओर बढ़ रही है, वे देश की कृषि और लघु उद्योगों (MSMEs) के लिए विनाशकारी साबित होंगे।

उन्होंने कहा कि इन समझौतों से देश की पूरी सप्लाई चेन और छोटे व्यापारियों को नुकसान होगा जिससे पहले से ही रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची बेरोजगारी और विकराल रूप ले लेगी। इन्हीं मुद्दों को लेकर 10 अगस्त को रोहतक से एक बड़े आंदोलन की नींव रखी जाएगी।

यह भी पढ़ें -Haryana School Snake Advisory: हरियाणा के स्कूलों में सांप दिखने पर स्टाफ नहीं दिखाएगा बहादुरी, शिक्षा विभाग ने जारी की सख्त गाइडलाइन

Vipin Zaildar

विपिन जैलदार 'विराट भारत न्यूज़' के मुख्य विशेष संवाददाता हैं। वे खोजी पत्रकारिता (Investigative Journalism), अपराध जगत (Crime Reporting), SOG एवं STF की विशेष कार्रवाइयों और हरियाणा व राजस्थान के क्षेत्रीय एवं जमीनी मुद्दों को गहराई से कवर करने में माहिर हैं। वे अपनी निडर और निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

Related Articles

Home News App Stories WhatsApp