करनाल: हरियाणा के करनाल से अपराध जगत की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। करनाल में हुए चर्चित बीरू वाल्मीकि हत्याकांड के महज कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने एक बेहद बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस और बदमाशों के बीच देर रात हुई एक खूनी मुठभेड़ (Encounter) में हत्या के दोनों मुख्य शूटरों को मार गिराया गया है। यह एनकाउंटर पश्चिमी यमुना नहर बाईपास के पास हुआ, जहां दोनों तरफ से चलीं ताबड़तोड़ गोलियों में दोनों आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गए थे और बाद में अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया।
इस पूरी कार्रवाई को पुलिस की त्वरित और बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है। दरअसल, बुधवार देर शाम को बाइक पर सवार होकर आए इन बदमाशों ने स्कूटी से जा रहे बीरू वाल्मीकि की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद से पूरे करनाल इलाके में तनाव फैल गया था और वाल्मीकि समाज के लोगों के साथ-साथ मृतक के परिजनों में भारी आक्रोश था। परिजनों ने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया था, जिस पर पुलिस प्रशासन ने उन्हें जल्द से जल्द एक्शन लेने का भरोसा दिलाया था।
आधी रात को बिछाया गया था जाल
बीरू वाल्मीकि की हत्या के बाद सीआईए (CIA) और स्थानीय पुलिस की कई टीमें लगातार शूटरों के सुराग तलाशने में जुटी हुई थीं। गुरुवार देर रात को पुलिस टीम को एक पुख्ता और गुप्त सूचना मिली कि हत्याकांड में शामिल दोनों मुख्य शूटर किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने या फिर जिला छोड़ने की फिराक में पश्चिमी यमुना नहर बाईपास से गुजरने वाले हैं। इस खुफिया इनपुट के मिलते ही पुलिस की स्पेशल टीम ने बिना कोई वक्त गंवाए इलाके की घेराबंदी की और रणनीतिक रूप से नाकाबंदी लगा दी।
चेतावनी के बाद भी बदमाशों ने खोल दिया था मोर्चा
बाईपास पर तैनात पुलिस टीम को जैसे ही दोनों संदिग्ध आते हुए दिखाई दिए, पुलिस कर्मियों ने उन्हें आत्मसमर्पण करने और रुकने का साफ इशारा किया। लेकिन खुद को पुलिस के जाल में घिरा देख बदमाशों ने सरेंडर करने के बजाय अपने पास मौजूद अवैध हथियारों से पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग झोंक दी। गोलियों की आवाज से पूरा बाईपास इलाका गूंज उठा। पुलिस टीम ने भी बिना कोई मौका गंवाए आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग शुरू कर दी।
इस आमने-सामने की मुठभेड़ में दोनों शूटर पुलिस की गोलियों का शिकार होकर वहीं ढेर हो गए। गोलियां लगने से दोनों गंभीर रूप से जख्मी हुए थे, जिन्हें पुलिस ने तुरंत इलाज के लिए पास के नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उपचार के दौरान ही दोनों ने दम तोड़ दिया।
मुठभेड़ की खबर आग की तरह फैलते ही आईजी करनाल, एसपी करनाल समेत सीआईए और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। एफएसएल की टीम ने घटनास्थल से बदमाशों के हथियार, खोखे और अन्य सबूतों को अपने कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है। इस एनकाउंटर के बाद बीरू वाल्मीकि की हत्या करने वाले मुख्य आरोपियों का हमेशा के लिए अंत हो गया है।




