मंगलवार, 11 अगस्त 2026

राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा: राम जन्मभूमि ट्रस्ट को नोटिस जारी, जानें आज कोर्ट में क्या हुआ!

Written by: Priyanshi Rao

Published:

राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। शीर्ष अदालत ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया। उत्तर प्रदेश सरकार की एसआईटी (SIT) से जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई। सॉलीसिटर जनरल के आश्वासन के बाद अगली सुनवाई अगले सोमवार को तय।


नई दिल्ली (राष्ट्रीय ब्यूरो): अयोध्या के भव्य राम मंदिर में रामलला के चढ़ावे और दान राशि में कथित हेरफेर व चोरी का संवेदनशील मामला अब देश की सबसे बड़ी अदालत की चौखट पर पहुंच चुका है। सोमवार 13 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए अपनी पहली महत्वपूर्ण सुनवाई की। इस सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कई कड़े निर्देश जारी किए हैं जिसके बाद उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है।

विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट का राम जन्मभूमि ट्रस्ट को नोटिस, जवाब दाखिल करने के निर्देश

रिपोर्ट के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने मामले की शुरुआती दलीलें सुनने के बाद सीधे तौर पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को आधिकारिक नोटिस जारी कर दिया है। देश की सर्वोच्च अदालत ने ट्रस्ट प्रबंधन से इस पूरे विवाद और चढ़ावे की सुरक्षा व्यवस्था पर लिखित जवाब मांगा है। हालांकि, अदालत ने अभी इस चरण में केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार को अलग से कोई औपचारिक नोटिस नहीं भेजा है बल्कि केवल ट्रस्ट से ही जवाब तलब किया है।

एसआईटी से मांगी पूरी जांच रिपोर्ट, अगले सोमवार को होगी अंतिम समीक्षा

सुनवाई की लाइव कार्यवाही के दौरान अदालत को अवगत कराया गया कि उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पहले ही एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर चुकी है जो अयोध्या में ग्राउंड लेवल पर जांच कर रही है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि एसआईटी अपनी जांच में अब तक हुई पूरी प्रगति और फैक्ट्स की एक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट तैयार करे। यह रिपोर्ट अगली सुनवाई से पहले अनिवार्य रूप से अदालत के सामने प्रस्तुत करनी होगी जिसमें अब तक की गई कार्रवाई का पूरा ब्योरा देना होगा।

सॉलिसिटर जनरल का बड़ा बयान, अगले हफ्ते की तारीख तय

इस महत्वपूर्ण कानूनी बहस के दौरान केंद्र सरकार की ओर से उपस्थित सॉलिसिटर जनरल ने पीठ को आश्वस्त किया कि इस मामले की तह तक जाने और न्याय प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए केंद्र तथा उत्तर प्रदेश सरकार अदालत की हर संभव मदद करेंगी। इस बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए अगले सोमवार की तारीख मुकर्रर कर दी है। उसी दिन अदालत एसआईटी की सीलबंद स्टेटस रिपोर्ट की समीक्षा करेगी जिसके बाद इस पूरे विवाद में कई बड़े प्रशासनिक और कानूनी मोड़ों के सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

इस पूरे चढ़ावा चोरी विवाद की मुख्य वजह क्या है?

इस पूरे विवाद की जड़ की बात करें तो अयोध्या राम मंदिर के दान संकलन विभाग में कार्यरत कुछ कर्मचारियों और बाहरी तत्वों पर मंदिर के सरकारी कैश काउंटर और दानपात्रों से बड़ी मात्रा में नकदी और बहुमूल्य आभूषणों को गुप्त रूप से गायब करने के गंभीर आरोप लगे हैं। 

इस मामले में स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा की गई शुरुआती कार्रवाई के दौरान अब तक 8 मुख्य आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। इसके अलावा वित्तीय अनियमितताओं की क्रेडिबिलिटी पर उठे गंभीर सवालों के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और वरिष्ठ पदाधिकारी डॉ. अनिल मिश्रा ने भी अपने पदों से इस्तीफे की पेशकश कर दी थी जिसके बाद से ही पूरी दान व्यवस्था को डिजिटल और पूरी तरह पारदर्शी बनाने की मांग राष्ट्रीय स्तर पर उठ रही है। 

Priyanshi Rao
लेखक के बारे में Priyanshi Rao

प्रियांशी यादव 'विराट भारत न्यूज़' में वरिष्ठ राजनीति एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों की विश्लेषक हैं। वे राष्ट्रीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों, संसदीय कार्यवाहियों और वैश्विक कूटनीति पर पैनी नज़र रखती हैं। उनके विश्लेषणात्मक लेख पाठकों को जटिल राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों की सरल समझ प्रदान करते हैं। View all posts by Priyanshi Rao →

Join Us