शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026

Haryana Weather Alert: अगले 3 घंटे में पलटेगा मौसम का मिजाज! NCR और दक्षिण हरियाणा के 9 जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश की चेतावनी

Written by: Dharmendra Acharya

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हिसार/चंडीगढ़: उमस भरी गर्मी और बादलों की आंखमिचौली के बीच हरियाणा में मानसून ने एक बार फिर करवट ले ली है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU), हिसार के कृषि मौसम…


हिसार/चंडीगढ़: उमस भरी गर्मी और बादलों की आंखमिचौली के बीच हरियाणा में मानसून ने एक बार फिर करवट ले ली है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU), हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग ने प्रदेश के 9 जिलों के लिए तत्कालिक मौसम पूर्वानुमान (Nowcast) जारी करते हुए अलर्ट घोषित किया है।

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​मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वातावरण में नमी और स्थानीय स्तर पर बने मौसमी सिस्टम के चलते अगले कुछ घंटों में कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है।

​किन 9 जिलों में मंडरा रहे हैं बादल?

​मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, उत्तर से लेकर दक्षिण हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर से सटे जिलों में मौसम की गतिविधि तेज रहेगी। जिन प्रमुख जिलों को अलर्ट पर रखा गया है उनमें ये जिले शामिल हैं:

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  • ​दक्षिण हरियाणा व NCR बेल्ट: गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी, झज्जर, नूंह और पलवल।
  • ​उत्तरी हरियाणा: पंचकूला और यमुनानगर।
  • ​मध्य व अन्य क्षेत्र: सोनीपत।

​इन इलाकों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर अचानक मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है।

​दक्षिण हरियाणा में जलभराव और ट्रैफिक का खतरा

​गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह और रेवाड़ी जैसे औद्योगिक और घनी आबादी वाले इलाकों में अचानक होने वाली तेज बारिश से सुबह और दोपहर के व्यस्त समय में सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है। प्रशासन और स्थानीय नगर निगमों को भी अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है ताकि निचले इलाकों में पानी निकासी की व्यवस्था सुचारू रहे।

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​किसानों के लिए अहम एडवाइजरी जारी

​कृषि वैज्ञानिकों ने खुले खेतों में काम कर रहे किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज गरज-चमक और बिजली कड़कने के दौरान खुले खेतों में काम तुरंत रोक दें और किसी भी सूरत में अकेले खड़े बड़े पेड़ों, लोहे के खंभों या ट्यूबवेल के पास शरण न लें।

​बारिश के बाद खेतों में जलभराव की स्थिति का मुआयना करें और धान व कपास जैसी फसलों में जल निकासी का उचित प्रबंध रखें। इसके अलावा मौसम साफ होने तक किसी भी प्रकार के रासायनिक छिड़काव या सिंचाई कार्य को टाल दें।

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​जरूरी सावधानी:

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  1. ​तेज आंधी के समय जर्जर मकानों, टीन शेड और कमजोर होर्डिंग्स के नीचे खड़े होने से बचें।
  2. ​वाहन चलाते समय गति धीमी रखें और हेडलाइट्स का इस्तेमाल करें।
  3. ​घरों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें ताकि बिजली के उतार-चढ़ाव से नुकसान न हो।

स्थानीय स्तर पर बादलों के घनत्व के आधार पर बारिश की तीव्रता में बदलाव देखा जा सकता है इसलिए नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के रियल-टाइम अपडेट्स पर नजर बनाए रखें। इसके अलावा हम भी आपको अपडेट देते रहेंगे।

Dharmendra Acharya
About the Author Dharmendra Acharya

धर्मेंद्र आचार्य 'विराट भारत न्यूज़' में मुख्य कृषि एवं मौसम संपादक हैं। वे आधुनिक कृषि तकनीकों, ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural Economy), मौसम विज्ञान, फसलों के वैज्ञानिक प्रबंधन और मंडियों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की सटीक रिपोर्टिंग करते हैं। वे भारतीय किसानों और ग्रामीण भारत की आवाज़ को मजबूती से उठाते हैं। View all posts by Dharmendra Acharya →

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