Haryana Weather Update: हरियाणा में मानसून की सक्रियता में एक बार फिर उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD Chandigarh) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार आज यानी 27 अगस्त 2026 को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी (ब्रेक) रहेगी। पश्चिमी और मध्य हरियाणा के अधिकांश जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क और उमस भरा रहने का अनुमान है जिससे तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। हालांकि उत्तरी जिलों और दिल्ली-एनसीआर से सटे इलाकों में छिटपुट वर्षा की संभावना अभी भी बनी हुई है।
तापमान और उमस का आंकड़ा (Weather Data Analysis)
अधिकतम तापमान: आज प्रदेश का पारा 97°F से 99°F (लगभग 36°C से 37°C) तक जाने का अनुमान है जो सामान्य से 1 से 2 डिग्री अधिक है।
न्यूनतम तापमान: रात और सुबह के समय तापमान 85°F (लगभग 29°C) के आसपास बना रहेगा।
हवा में नमी (ह्यूमिडिटी): वायुमंडल में आर्द्रता की मात्रा 54% से 73% तक रहेगी। हवा में अत्यधिक नमी और तेज धूप के कारण दोपहर के समय RealFeel (उमस वाली गर्मी) 112°F (44°C) जैसा महसूस हो सकती है।
क्षेत्रीय मौसम का हाल (District-Wise Forecast)
उत्तरी हरियाणा (पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र):
इस बेल्ट में पहाड़ों से आ रही नमी के कारण आज भी आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। IMD के अनुसार इन जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हाल ही में यमुनानगर के हथीनिकुंड बैराज और चंडीगढ़ क्षेत्र में अच्छी बारिश दर्ज की गई है।
दक्षिणी और पूर्वी हरियाणा (गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, सोनीपत):
दिल्ली से सटे इन इलाकों (एनसीआर) में आज घने बादल देखने को मिल सकते हैं। हालांकि भारी बारिश के आसार नहीं हैं लेकिन उमस के बीच कुछ स्थानों पर छिटपुट बूंदाबांदी या स्थानीय स्तर पर तेज बौछारें पड़ सकती हैं। AccuWeather के आंकड़ों के मुताबिक फरीदाबाद और गुरुग्राम में अधिकतम तापमान 95°F के पार रहेगा।
पश्चिमी व मध्य हरियाणा (हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, जींद, रोहतक):
इन क्षेत्रों में मानसून पूरी तरह से सुस्त पड़ गया है। दिनभर तेज धूप निकलने के कारण मौसम शुष्क रहेगा। हिसार और सिरसा में उमस भरी गर्मी का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा जहां तापमान 37.5°C से ऊपर जा सकता है।
किसानों के लिए कृषि सलाह (Kisan Advisory)
खेती-बाड़ी के लिहाज से यह मौसम अत्यंत संवेदनशील है। कृषि वैज्ञानिकों ने आज के मौसम को देखते हुए किसानों को निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
धान (Paddy) उत्पादक किसान: जिन क्षेत्रों में मौसम शुष्क है (जैसे मध्य और पश्चिमी हरियाणा) वहां खेतों में नमी की कमी न होने दें। कल्ले निकलने और गोभ की अवस्था में फसल को हल्की सिंचाई की आवश्यकता होती है। पानी का प्रबंधन ठीक रखें।
कीट और रोगों का खतरा (Pest Control): 70% से अधिक उमस और उच्च तापमान का यह संयोजन कपास (नरमा) में सफेद मक्खी, गुलाबी सुंडी और धान में तना छेदक (Stem Borer) व पत्ता लपेटक कीटों के फैलने के लिए बिल्कुल अनुकूल है। किसान भाई रोजाना सुबह अपने खेतों का निरीक्षण करें।
दवाइयों के छिड़काव का सही समय: उत्तरी हरियाणा (अंबाला, यमुनानगर) के किसान भाई आसमान साफ होने पर ही कीटनाशकों या खादों का छिड़काव करें। यदि बारिश की संभावना दिखती है, तो छिड़काव को 1-2 दिन के लिए टाल दें ताकि दवा पानी में बहकर बर्बाद न हो।
जल निकासी (Water Drainage): एनसीआर और निचले इलाकों के किसान जहां पिछले दिनों (जैसे पलवल में 98 मिमी और फरीदाबाद में 58 मिमी) भारी बारिश हुई थी वे खेतों में जलभराव न होने दें। सब्जियों की फसलों में पानी रुकने से जड़ गलन रोग हो सकता है इसलिए अतिरिक्त पानी को तुरंत बाहर निकालें।
अगले 3 दिनों का रुझान (Weather Outlook)
मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 से 72 घंटों तक हरियाणा में कोई बड़ा वेदर सिस्टम एक्टिव नहीं हो रहा है जिससे भारी बारिश की संभावना कम है। अगस्त के आखिरी दिनों (31 अगस्त तक) मौसम ऐसा ही परिवर्तनशील और उमस भरा बना रहेगा। सितंबर के शुरुआती हफ्ते में दोबारा मानसूनी हवाएं रफ्तार पकड़ सकती हैं।




