हिसार: हरियाणा प्रदेश में मानसून की रफ्तार मंद पड़ते ही मौसम के मिजाज में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। राज्य में मानसून की सक्रियता कम होने के कारण अब पश्चिमी हवाओं ने अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर दिया है। आसमान साफ होने और दिन के समय तेज चमकीली धूप निकलने के कारण पूरे प्रदेश में दिन और रात दोनों के तापमान में तेजी से उछाल दर्ज किया गया है।

मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य में इस समय औसतन अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 1.9 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है। तापमान में हुई इस अचानक बढ़ोतरी और हवा में मौजूद अत्यधिक नमी के कारण मैदानी इलाकों में भयंकर उमस वाली गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है, जिसने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। दोपहर के समय तेज धूप के कारण कई शहरों की सड़कें और मुख्य बाजार सुनसान नजर आने लगे हैं।

प्रमुख शहरों में तापमान की स्थिति

हवा के रुख में बदलाव से 10 से अधिक शहरों में अधिकतम तापमान 35°C को पार कर गया है। हिसार 38.3°C के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि रोहतक (36.4°C), चरखी दादरी व सिरसा (36.0°C), गुरुग्राम (35.6°C) और भिवानी (35.5°C) दर्ज किए गए। न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई है, जिसमें गुरुग्राम में 21.0°C सबसे कम दर्ज किया गया।

फसलों पर कीटों का खतरा और कृषि एडवाइजरी

उमस भरे मौसम के कारण कपास (नरमा) की फसल में सफेद मक्खी और गुलाबी सुंडी का खतरा बढ़ गया है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) के वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि:
  • खंड बारिश की संभावना के चलते कृत्रिम सिंचाई रोक दें।
  • आसमान साफ होने पर ही कीटनाशकों का छिड़काव करें।
  • धान में ‘जड़ घुन’ पर नजर रखें और यूरिया का प्रयोग शाम को करें।

पशुपालकों के लिए निर्देश

उमस और हीट स्ट्रेस से दुधारू पशुओं को बचाने के लिए शेड में वेंटिलेशन, पंखे-कूलर का प्रबंध करें, साफ पानी पिलाएं और खुराक में मिनरल मिक्सचर व नमक शामिल करें। आने वाले दिनों में व्यापक बारिश की संभावना नहीं है, जिससे उमस बनी रहेगी।

धर्मेंद्र आचार्य 'विराट भारत न्यूज़' में मुख्य कृषि एवं मौसम संपादक हैं। वे आधुनिक...