मौसम ब्यूरो, हिसार: सावन के महीने में जहां हरियाणा के खेतों को पानी से सराबोर होना चाहिए था, वहां मानसून की बेरुखी ने अन्नदाताओं के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से तेज बारिश का सिलसिला थम गया है। 

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, राज्य में फिलहाल भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं है और मानसूनी सिस्टम को दोबारा पूरी तरह सक्रिय होने में कम से कम एक सप्ताह का समय लग सकता है। हालांकि बीते 24 घंटों के दौरान हिसार, सिरसा, सोनीपत और फतेहाबाद सहित कुछ सीमित इलाकों में हल्की आंधी और छिटपुट बौछारें जरूर दर्ज की गईं जिससे तापमान में मामूली गिरावट आई है, लेकिन यह कृषि की जरूरतों के लिहाज से बेहद नाकाफी है।

आंधी-तूफान का तांडव: रतिया में एक की मौत, हिसार में महिला घायल

राहत से इतर, सोमवार को आई तेज आंधी और बेमौसम तूफान ने राज्य के कई हिस्सों में भारी नुकसान पहुंचाया है। फतेहाबाद के रतिया क्षेत्र में आंधी के दौरान एक चलते ट्रैक्टर पर अचानक पेड़ गिर गया, जिसकी चपेट में आने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। 

वहीं हिसार के बहबलपुर गांव में तेज हवाओं के कारण लोहे का एक विशाल होर्डिंग एक महिला पर जा गिरा जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

इसके अलावा फतेहाबाद के हंस मार्केट में एक दुकान का छज्जा गिरने और भिरडाना गांव के पास बोलेरो गाड़ी पर पेड़ गिरने की खबरें हैं, जिनमें गनीमत रही कि कोई अन्य जानी नुकसान नहीं हुआ।

मानसून का असंतुलन: उत्तर में मेहरबानी, दक्षिण-पश्चिम में सूखा

हरियाणा में मानसून का वितरण असमान रहा है, जहाँ जुलाई के इस पखवाड़े तक सामान्य 65 मिमी के मुकाबले केवल 42 मिमी (35% कम) बारिश दर्ज हुई है।

  • उत्तर में राहत: यमुनानगर (110 मिमी, 15% अधिक), अंबाला (105 मिमी) और पंचकूला (98 मिमी) में सामान्य से अधिक बारिश हुई है।
  • दक्षिण-पश्चिम में संकट: सिरसा (77% कमी, सिर्फ 8 मिमी), फतेहाबाद (60% कमी, 12 मिमी) और हिसार (55% कमी, 18 मिमी) में गंभीर बारिश की कमी देखी जा रही है।

अगले तीन दिन का पूर्वानुमान

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) के जानकारों के अनुसार आगामी कुछ दिनों में भारी बारिश की उम्मीद कम है। HAU की मौसम रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल केवल उत्तरी हरियाणा के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है और किसानों को सिंचाई के लिए वैकल्पिक इंतजाम करने की सलाह दी जा रही है।