Haryana News: हरियाणा सरकार किसानों को देगी सब्सिडी, जानें 30 सितंबर से पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का पूरा तरीका
हरियाणा के कृषि और किसान कल्याण विभाग ने साल 2026-27 के लिए गन्ना तकनीकी उद्देश्य परियोजना शुरू की है। इसके तहत यमुनानगर, करनाल, रोहतक और पानीपत सहित कई प्रमुख गन्ना उत्पादक क्षेत्रों के किसानों को आधुनिक तकनीकों से बुवाई करने पर अनुदान राशि दी जाएगी। वसंत ऋतु में बुवाई करने वाले किसान 30 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
Haryana News: हरियाणा के किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और खेती में आधुनिक तौर-तरीकों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हरियाणा के कृषि और किसान कल्याण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ‘गन्ना तकनीकी उद्देश्य परियोजना’ (Sugarcane Technical Mission Project) की शुरुआत की है। इस विशेष योजना के जरिए सरकार उन प्रगतिशील किसानों की सीधी आर्थिक मदद करेगी जो गन्ने की पैदावार बढ़ाने के लिए उन्नत और वैज्ञानिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। राज्य के प्रमुख गन्ना उत्पादक जिलों के किसानों को ध्यान में रखकर इस सब्सिडी प्रोग्राम का पूरा खाका तैयार किया गया है।
कृषि विभाग के प्रवक्ता के अनुसार, इस योजना का लाभ मुख्य रूप से यमुनानगर, नारायणगढ़, शाहाबाद, करनाल, असंध, भादसों, पानीपत, कैथल, रोहतक, सोनीपत, जींद, पलवल, भुना, गोहाना और महम जैसे बड़े गन्ना बेल्ट में रहने वाले किसानों को मिलेगा। इन सभी क्षेत्रों के सहायक गन्ना विकास अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले किसान सीधे इस वित्तीय सहायता या अनुदान राशि के हकदार माने जाएंगे। सरकार का असल मकसद पारंपरिक और पुरानी पद्धतियों को बदलकर किसानों को गन्ने की बुवाई के नए तरीकों की तरफ मोड़ना है ताकि कम लागत में अधिक मुनाफा कमाया जा सके।
यह अनुदान राशि हर तरह की बुवाई पर नहीं बल्कि विभाग द्वारा अधिसूचित और अनुशंसित गन्ने की खास किस्मों को आधुनिक तरीकों से उगाने पर ही दी जाएगी। इसमें प्रमुख रूप से चौड़ी कतारों (4 फीट की दूरी) के बीच फसल प्रबंधन को बढ़ावा देना, सिंगल-बड तकनीक, बड-चिप विधि, फाउंडेशन सीड नर्सरी तैयार करना, बीज उपचार और रटून (पेडी) प्रबंधन के माध्यम से प्रदर्शन प्लॉट तैयार करने जैसी उन्नत तकनीकें शामिल हैं। इस तरीके से खेती करने पर न केवल पानी की बचत होती है बल्कि गन्ने की मोटाई और वजन में भी भारी बढ़ोतरी देखने को मिलती है।
योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने आवेदन की समय-सीमा भी तय कर दी है। जिन किसानों ने इस साल वसंत या गर्मी के मौसम यानी अप्रैल के महीने या उसके बाद गन्ने की बुवाई की है, वे इस योजना का लाभ लेने के लिए आगामी 30 सितंबर, 2026 तक अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके विपरीत, जो किसान आने वाले सर्दियों के मौसम यानी अक्टूबर और नवंबर में गन्ने की बुवाई की योजना बना रहे हैं, उनके लिए आवेदन की प्रक्रिया 1 अक्टूबर, 2026 से शुरू होकर 31 दिसंबर, 2026 तक चलेगी।
इच्छुक किसानों को विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.agriharyana.gov.in पर जाकर समय रहते ऑनलाइन फॉर्म जमा करना होगा। इसके साथ ही सरकार कृषि में मशीनीकरण को रफ्तार देने के लिए “गन्ना उपकरणों में मशीनीकरण” योजना के तहत आधुनिक कृषि यंत्रों पर भी अलग से तगड़ी सब्सिडी दे रही है।
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