गुरुवार, 27 अगस्त 2026

कपास किसानों के लिए खुशखबरी: हरियाणा सरकार दे रही है ₹4,000 की सब्सिडी, जानिए कैसे उठाएं लाभ

Written by: Dharmendra Acharya

Published:

हरियाणा के कपास की खेती करने वाले किसानों के लिए बड़ी खबर है। गुलाबी सुंडी और कीटों से फसल बचाने के लिए कृषि विभाग ने बड़ा फैसला लिया है ओर इस फैसले के तहत किसानों को 4 हजार मिलने वाले है। 15 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन का मौका है ओर पैसे सीधे बैंक खाते में सरकार भेजेगी। जानिए योजना कि सभी डिटेल -


कपास किसानों के लिए खुशखबरी: हरियाणा सरकार दे रही है ₹4,000 की सब्सिडी, जानिए कैसे उठाएं लाभ
कपास किसानों के लिए खुशखबरी: हरियाणा सरकार दे रही है ₹4,000 की सब्सिडी, जानिए कैसे उठाएं लाभ
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चंडीगढ़: हरियाणा के कपास (नरमा) उत्पादक किसानों के लिए एक बहुत ही काम की खबर है। प्रदेश सरकार ने राज्य में कपास की पैदावार बढ़ाने और फसलों को खतरनाक कीटों (जैसे गुलाबी सुंडी और सफेद मक्खी) से बचाने के लिए एक विशेष अनुदान योजना का ऐलान किया है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा के अनुसार इस योजना के तहत किसानों को अधिकतम ₹4,000 तक की वित्तीय सहायता दी जा रही है।

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किसान भाइयों अगर आप भी कपास की खेती करते हैं तो इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें और जानें कि आपको इस सरकारी मदद का फायदा कैसे मिलेगा।

क्या है यह योजना और क्यों मिल रहा है पैसा?

दरअसल किसान भाइयों पिछले कुछ सालों में कपास की फसल पर गुलाबी सुंडी (Pink Bollworm) और अन्य बीमारियों का हमला बहुत ज्यादा बढ़ा है जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इसी को देखते हुए हरियाणा सरकार ने एक विशेष प्रोत्साहन योजना शुरू की है।

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इसके तहत किसानों को दो मुख्य चीजों पर सब्सिडी दी जा रही है जिसमें सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrients) जिसमें मिट्टी की ताकत बढ़ाने और फसल को मजबूत करने वाली खादों के लिए ओर

एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) जिसमें सुंडी और अन्य कीटों को जैविक व वैज्ञानिक तरीके से रोकने वाली दवाइयों और ट्रैप (जाल) के लिए सब्सिडी मिलेगी।

सब्सिडी का पूरा गणित (किसे और कितना मिलेगा लाभ)

किसानों को प्रति एकड़ लाभ की बात करें तो सरकार किसानों को लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम ₹2,000 प्रति एकड़ का अनुदान देगी। इसके अलावा एक किसान भाई को अधिकतम 2 एकड़ भूमि के लिए ही यह लाभ दिया जाएगा। यानी आपको सीधे तौर पर कुल ₹4,000 की नकद सब्सिडी मिल सकती है।

देसी कपास पर एक्स्ट्रा लाभ भी सरकार की तरफ से दिया जाएगा। यदि कोई किसान भाई स्वदेशी (देसी) कपास की खेती को बढ़ावा देता है तो उसके लिए भी सरकार द्वारा अलग से ₹4,000 प्रति एकड़ तक की प्रोत्साहन राशि का प्रावधान रखा गया है।

आवेदन के लिए जरूरी शर्तें (Eligibility criteria)

इस योजना का लाभ उठाने के लिए हरियाणा सरकार ने कुछ जरूरी नियम बनाए हैं जिनका पालन करना अनिवार्य है ओर इन नियमों। के तहत ही सब्सिडी का लाभ मिलेगा:

पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन: किसान का हरियाणा के मेरी फसल-मेरा ब्यौरा (MFMB) पोर्टल पर पंजीकरण होना सबसे ज्यादा जरूरी है।

पक्के बिल जरूरी: आपने बाजार से जो भी सूक्ष्म पोषक तत्व या कीट प्रबंधन की दवाइयां खरीदी हैं, उनके पक्के जीएसटी (GST) बिल आपके पास होने चाहिए। बिना बिल के आवेदन स्वीकार नहीं होगा।

कैसे करें आवेदन? (Step-by-Step Apply Process)

  • सबसे पहले हरियाणा कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट AgriHaryana पर जाएं।
  • वहां कपास प्रोत्साहन योजना (Promotion of Cotton Cultivation) के लिंक पर क्लिक करें।
  • अपना मेरी फसल-मेरा ब्यौरा का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें।
  • मांगी गई जानकारियां भरें और अपने खाद-दवा के खरीद बिल (Purchase Bills) को पोर्टल पर अपलोड करें।

फॉर्म सबमिट करने के बाद कृषि विभाग के अधिकारी आपके खेत और बिलों का भौतिक सत्यापन (Verification) करेंगे। इसके बाद सब्सिडी का पैसा सीधे आपके बैंक खाते (DBT) में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

अंतिम तिथि का रखें ध्यान

किसान भाई जो इस योजना का लाभ लेना चाहते है उनको बता दें कि इस योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 तय की गई है। इसलिए समय रहते अपना फॉर्म जरूर भर लें। तिथि के बाद आवेदन करने से कोई लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा एक बार आधिकारिक सूचना जरूर पढ़ें या फिर अपने नजदीक के कृषि विभाग से योजना कि जा करो जरूर प्राप्त करें।

Dharmendra Acharya
लेखक के बारे में Dharmendra Acharya

धर्मेंद्र आचार्य 'विराट भारत न्यूज़' में मुख्य कृषि एवं मौसम संपादक हैं। वे आधुनिक कृषि तकनीकों, ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural Economy), मौसम विज्ञान, फसलों के वैज्ञानिक प्रबंधन और मंडियों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की सटीक रिपोर्टिंग करते हैं। वे भारतीय किसानों और ग्रामीण भारत की आवाज़ को मजबूती से उठाते हैं। View all posts by Dharmendra Acharya →

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