Haryana News: फरीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ स्थित आदर्श नगर थाना क्षेत्र में विवाहिता लक्ष्मी उर्फ चांदनी की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी पति संजय को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे 10 जुलाई को साहूपुरा रोड से गिरफ्तार किया और अदालत में पेश करने के बाद 4 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार संजय और लक्ष्मी की शादी करीब 15 वर्ष पहले गांव जवां में हुई थी। दोनों के दो बच्चे हैं। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह के मुताबिक जांच में सामने आया है कि शादी के बाद से दहेज की मांग को लेकर महिला को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। आरोप है कि पति और परिवार के अन्य सदस्य उसके साथ अक्सर मारपीट भी करते थे। फिलहाल पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से पूरे घटनाक्रम के बारे में गहन पूछताछ करेगी, जबकि मामले में नामजद अन्य ससुराल पक्ष के सदस्यों से भी पूछताछ जारी है।
मौत से पहले बहन को किया था फोन
मृतका के पिता वीरेंद्र कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे उनकी बेटी ने अपनी बहन को फोन किया था। फोन पर वह रो रही थी और उसने बताया कि ससुराल वाले उसके साथ झगड़ा कर रहे हैं। उसने यह भी कहा था कि अगर पिता या भाई घर पर हों तो उन्हें तुरंत उसके पास भेज दिया जाए। इसके बाद परिवार का उससे कोई संपर्क नहीं हो सका।
शाम करीब 5:45 बजे परिजनों के पास एक अनजान नंबर से फोन आया, जिसमें बताया गया कि लक्ष्मी ने फांसी लगा ली है। सूचना मिलते ही परिवार आदर्श नगर स्थित ससुराल पहुंचा, जहां पुलिस पहले से मौजूद थी। उस समय शव को पंखे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए एंबुलेंस में रखा जा रहा था। परिजनों का आरोप है कि घटना की समय पर उन्हें जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने मौके पर विरोध करते हुए पति और ससुराल पक्ष के अन्य लोगों की गिरफ्तारी की मांग की तथा एंबुलेंस को भी कुछ समय के लिए रोक दिया।
अब जांच का फोकस रिमांड पर पूछताछ
स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल और बल्लभगढ़ के एसीपी रवि कुंडिया भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने पति संजय, ससुर धर्मपाल, देवर और परिवार के अन्य सदस्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। मृतका के पिता वीरेंद्र कुमार की शिकायत पर आदर्श नगर थाने में पति, सास, ससुर, देवर, ननद, नंदोई समेत अन्य के खिलाफ हत्या और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
9 जुलाई को सिविल अस्पताल फरीदाबाद में डॉक्टरों के बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद अंतिम संस्कार के लिए शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जाएगी। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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