Haryana News: हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के थाना सदर पेहवा क्षेत्र में 1 जुलाई को 20 किलो अफीम बरामद होने के मामले में करनाल स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। अब इस मामले में दो सप्लायर और एक महिला आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क की नई परतें सामने आने लगी हैं।
कई राज्यों से जुड़ी मिली सप्लाई चेन
प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला है कि अफीम की यह खेप मणिपुर, झारखंड और पश्चिम बंगाल से हरियाणा तक पहुंचाई जाती थी। जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने में लगी हैं कि इस नेटवर्क के जरिए पहले कितनी बार अफीम की खेप हरियाणा पहुंच चुकी है। साथ ही इस अवैध कारोबार से कितनी संपत्ति बनाई गई, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
मामले की जांच अभी जारी है और STF पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।
पेहवा में ट्रक से पकड़ी गई थी खेप
पुलिस के अनुसार असम निवासी ट्रक चालक मोहिबुर रहमान पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से ट्रक लेकर निकला था और अंबाला की ओर जा रहा था। विश्वसनीय सूचना मिलने के बाद STF ने उसे पेहवा क्षेत्र में रोककर तलाशी ली, जहां ट्रक में छिपाकर रखी गई 20 किलो अफीम बरामद हुई।
पुलिस के मुताबिक बरामद अफीम की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 70 से 80 लाख रुपए है।
अमृतसर की महिला पर डिस्ट्रीब्यूशन की जिम्मेदारी
जांच के दौरान सामने आया कि अमृतसर की रहने वाली एक महिला इस नेटवर्क में डिस्ट्रीब्यूशन का काम संभाल रही थी। शुरुआती पूछताछ में संकेत मिले हैं कि उसी ने चालक के जरिए यह खेप मंगवाई थी।
अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला ने पहले भी कितनी बार अफीम मंगवाई और किन-किन लोगों तक इसकी सप्लाई की गई। जांच का फोकस इस बात पर भी है कि यह नशा आगे किन इलाकों में पहुंचाया जाता था।
संपत्ति की जांच भी शुरू
STF केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। जांच टीम आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड के साथ उनकी चल और अचल संपत्तियों की भी जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं ये संपत्तियां नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित रकम से तो नहीं बनाई गईं।
यदि जांच में अवैध कमाई से संपत्ति बनाने के प्रमाण मिलते हैं तो नियमानुसार उसे जब्त कराने की कार्रवाई भी आगे बढ़ाई जाएगी।
रिमांड खत्म, तीनों आरोपी जेल भेजे गए
ड्राइवर मोहिबुर रहमान को 10 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था जो अब पूरा हो चुका है। मणिपुर से जुड़े सप्लायर और महिला आरोपी का रिमांड भी समाप्त हो गया है। पुलिस ने बताया कि 7 जुलाई को महिला आरोपी से रिकवरी भी करवाई गई थी।
रिमांड पूरा होने के बाद तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
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