गुरुग्राम में 3.26 करोड़ की साइबर ठगी, पकड़ा गया चाय वाला आरोपी
गुरुग्राम में व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए एक व्यक्ति से 3 करोड़ 26 लाख की साइबर ठगी हुई। साइबर क्राइम पुलिस ने जयपुर से आरोपी मालीराम मीणा को गिरफ्तार किया, जो 10वीं पास है और चाय की दुकान चलाता है। जानें कैसे उसका खाता ठगी में इस्तेमाल हुआ।
विराट भारत, गुरुग्राम समाचार: गुरुग्राम में साइबर ठगों ने एक व्यक्ति को व्हाट्सएप ग्रुप के जाल में ऐसा फंसाया कि उसके 3 करोड़ 26 लाख 40 हजार रुपए उड़ गए। लेकिन इस ठगी की जांच जहां पहुंची, वह किसी को हैरान कर देने वाली जगह थी।
करोड़ों की इस रकम के पीछे कोई शातिर हैकर या बड़ा गिरोह नहीं, बल्कि जयपुर में चाय की दुकान चलाने वाला एक दसवीं पास युवक निकला। पुलिस ने आरोपी मालीराम मीणा को 11 अगस्त को जयपुर से गिरफ्तार किया। उसकी उम्र महज़ 32 साल है।
पूरा मामला तब खुला जब पीड़ित ने साइबर क्राइम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर एक विशेष टीम बनी, जिसने तकनीकी सबूतों के सहारे रकम का पीछा करना शुरू किया।
पैसा किस रास्ते से गया
पुलिस के अनुसार ठगी गई रकम एक झटके में नहीं, बल्कि परतों में घुमाई गई थी। सबसे पहले 24 लाख रुपए शाइन एंटरप्राइज नाम की एक फर्म के खाते में गए।
इसके बाद इसी रकम में से 6 लाख 60 हजार रुपए एक और खाते में भेजे गए, जिसका नाम था मुकेश चाय वाला प्राइवेट लिमिटेड। यहीं से जांच की सुई सीधे मालीराम तक पहुंच गई, क्योंकि यह खाता उसी के नाम पर था।
चाय की दुकान से कंपनी तक
पूछताछ में आरोपी ने जो बताया, उसने ठगी का असली खेल सामने रख दिया। पुलिस के मुताबिक मालीराम ने अपनी चाय की दुकान के नाम पर ही यह कंपनी बना रखी थी।
आरोपी ने बताया कि ज़्यादा पैसों के लालच में उसने अपना यही बैंक खाता एक दूसरे व्यक्ति को 1 लाख 40 हजार रुपए में बेच दिया था। इसके आगे उस खाते का क्या हुआ, इसकी उसे ख़बर नहीं थी। साइबर अपराधियों ने इसी बिके हुए खाते को ठगी की रकम ठिकाने लगाने के लिए इस्तेमाल किया।
पुलिस ने मालीराम को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। लेकिन पुलिस के लिए असली सवाल अभी बाकी हैं।
रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी गई बाकी रकम कहां गई, इस खाते से और कौन से लेन-देन हुए, और इस पूरे साइबर नेटवर्क में मालीराम के अलावा कौन-कौन शामिल है। माना जा रहा है कि इस गिरफ्तारी से कई और परतें खुल सकती हैं।



