Haryana Board Exam: हरियाणा में परीक्षा या सर्कस? सोनीपत में दीवारों पर लटककर नकल करवाते दिखे लोग, देखें वायरल वीडियो
हरियाणा के सोनीपत में 10वीं गणित की परीक्षा के दौरान राजकीय कन्या विद्यालय में भारी नकल का मामला सामने आया है। अभिभावक जान जोखिम में डालकर दीवारों पर लटककर पर्चियां पहुंचाते दिखे, जिससे बोर्ड के नकल रहित परीक्षा (Cheating-free exam) के दावों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
सोनीपत/गोहाना: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) की 10वीं कक्षा की गणित (Mathematics) की परीक्षा के दौरान सोनीपत के गोहाना से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने शिक्षा विभाग के 'नकल रहित' (Cheating-free) दावों को हवा में उड़ा दिया है।
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (GSSS) में परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए अभिभावकों की टोली जान जोखिम में डालकर स्कूल की ऊंची दीवारों पर लटकी नजर आई।
यह दृश्य किसी फिल्मी स्टंट जैसा लग सकता है, लेकिन यह हरियाणा की शिक्षा प्रणाली (Education System) की एक कड़वी हकीकत है। परीक्षा केंद्र के बाहर धारा 163 (Prohibitory orders) लागू होने के बावजूद, लोग अपने बच्चों को नकल की पर्चियां पहुंचाने के लिए दीवारों के सहारे ऊपर तक चढ़ गए।
हैरान करने वाली बात यह है कि ऊपर की बालकनी में पुलिसकर्मी (Policemen) तैनात दिख रहे हैं और ठीक उनके नीचे दीवार पर लोग मौत और कानून दोनों को चुनौती देते हुए नकल (Unfair means) करवाने का प्रयास कर रहे हैं।
प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत का टकराव
एक तरफ गोहाना की ये तस्वीरें वायरल हो रही हैं, तो दूसरी तरफ सोनीपत के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) नवीन गुलिया का कहना है कि परीक्षा पूरी तरह शुचिता के साथ कराई जा रही है।
उन्होंने तर्क दिया कि सभी ब्लॉक अधिकारियों (Block Officers) के साथ बैठक (Meeting) की गई है और जहां भी ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, वहां पुलिस की सख्ती (Strictness) बढ़ाई जाएगी।
हालांकि, सवाल यह उठता है कि जब चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के दावे थे, तो इतनी बड़ी संख्या में बाहरी लोग परीक्षा केंद्र की दीवारों तक कैसे पहुंच गए?
जोखिम में जान और भविष्य
यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि अभिभावकों का यह व्यवहार छात्रों के भविष्य (Future of Students) के साथ खिलवाड़ भी है।
केवल कुछ नंबरों के लिए ऊंची दीवारों से गिरकर जान गंवाने का जोखिम उठाना समाज में शिक्षा के गिरते स्तर और परीक्षा के बढ़ते अनुचित दबाव (Academic Pressure) को दर्शाता है।