शनिवार, 1 अगस्त 2026

JBT Bharti Verdict: जब 3206 शिक्षक सही तो ओपी चौटाला को सजा क्यों? रामपाल माजरा का कांग्रेस और BJP पर बड़ा हमला

Written by: Vipin Zaildar

Published:

2000 की JBT भर्ती को हाईकोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद INLD आक्रामक है। रामपाल माजरा ने पूर्व सीएम ओपी चौटाला की सजा पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस की साजिश और भाजपा की वादाखिलाफी पर सीधा हमला बोला है।


जब 3206 शिक्षक सही तो ओपी चौटाला को सजा क्यों? रामपाल माजरा का कांग्रेस और BJP पर बड़ा हमला
जब 3206 शिक्षक सही तो ओपी चौटाला को सजा क्यों? रामपाल माजरा का कांग्रेस और BJP पर बड़ा हमला
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चंडीगढ़ (न्यूज़रूम रिपोर्ट): हरियाणा की राजनीति में वर्ष 2000 का जेबीटी शिक्षक भर्ती मामला एक ऐसा अध्याय रहा है, जिसने प्रदेश की सियासी धारा मोड़ दी थी। लेकिन पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के हालिया फैसले ने 24 साल पुराने इस विवाद को एक बार फिर गर्मा दिया है। अदालत द्वारा 3206 जेबीटी शिक्षकों की नियुक्ति को मेरिट के आधार पर पूरी तरह वैध ठहराए जाने के बाद इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) ने अब इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक षड्यंत्र करार देते हुए बड़ा हमला बोला है।

शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से रूबरू होते हुए इनेलो प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने एक सीधा और तीखा सवाल उछाला और कहा की जब अदालत ने माना है कि शिक्षकों की भर्ती योग्यता के आधार पर हुई थी और सभी शिक्षक सही थे तो फिर पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला को किस बात की सजा भुगतनी पड़ी?

कानूनी विशेषज्ञों से राय, आगे की रणनीति पर मंथन

माजरा के इस बयान के बाद सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या इनेलो इस फैसले के आधार पर पूर्व मुख्यमंत्री की सजा के खिलाफ कोई कानूनी कदम उठाने जा रही है? माजरा ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस पूरे मामले में शीर्ष कानूनी विशेषज्ञों से राय ले रही है कि विधि अनुसार अब आगे क्या रास्ते निकल सकते हैं।

कांग्रेस का बनाया खाका, भाजपा की वही चाल

जांच एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर इनेलो अध्यक्ष ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार और वर्तमान भाजपा सरकार दोनों को एक ही कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि:

  • कांग्रेस का दौर: तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सीबीआई, ईडी और विजिलेंस जैसी केंद्रीय व राज्य एजेंसियों का दुरुपयोग करके राजनीतिक विरोधियों का गला घोंटने की शुरुआत की थी।

  • भाजपा का रुख: मौजूदा भाजपा सरकार भी उसी ढर्रे पर चलते हुए विरोधियों की आवाज को दबाने का काम कर रही है।

गेस्ट टीचर्स से लेकर HKRN तक: वादों के जाल में उलझे युवा

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान माजरा ने राज्य के युवाओं, किसानों और कर्मचारियों के मुद्दों पर भी सरकार की नीयत पर सवाल उठाए:

  1. अतिथि अध्यापकों की अनदेखी: उन्होंने याद दिलाया कि 2014 के संकल्प पत्र में भाजपा ने गेस्ट टीचर्स को पक्का करने का वादा किया था। पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा का लिखित आश्वासन भी कागजों तक सिमट कर रह गया। कोर्ट का फैसला पक्ष में आने के बावजूद सरकार उन्हें पक्का करने के बजाय डबल बेंच (खंडपीठ) में अपील दाखिल कर वक्त जाया कर रही है।

  2. एचकेआरएन (HKRN) और युवाओं का भविष्य: हरियाणा कौशल रोजगार निगम के जरिए युवाओं को पक्की नौकरियों से दूर रखने का आरोप लगाते हुए सरकार की नीतियों को युवा विरोधी बताया।

  3. आंदोलनकारी छात्रों पर मुकदमे: दिल्ली किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए माजरा ने कहा कि सरकार ने मांगें मानने का आश्वासन दिया था लेकिन इसके बावजूद आंदोलन से जुड़े छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए जा रहे हैं।

पत्रकारवार्ता के अंत में रामपाल माजरा ने महान क्रांतिकारी सरदार उधम सिंह के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके संघर्ष और देशभक्ति को याद किया।

Vipin Zaildar
लेखक के बारे में Vipin Zaildar

विपिन जैलदार 'विराट भारत न्यूज़' के मुख्य विशेष संवाददाता हैं। वे खोजी पत्रकारिता (Investigative Journalism), अपराध जगत (Crime Reporting), SOG एवं STF की विशेष कार्रवाइयों और हरियाणा व राजस्थान के क्षेत्रीय एवं जमीनी मुद्दों को गहराई से कवर करने में माहिर हैं। वे अपनी निडर और निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। View all posts by Vipin Zaildar →

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