हिसार: सूर्य नगर डेयरी संचालक हत्याकांड को लेकर चल रहा विरोध अब किसान और खाप संगठनों की सक्रिय भागीदारी के साथ आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। धरना स्थल पर अखिल भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी पहुंच गए हैं। उनके पहुंचने के बाद किसान और खाप नेताओं के साथ आगे की रणनीति को लेकर मंथन शुरू हो गया है।
धरना स्थल से प्रदर्शनकारियों की ओर से गिरफ्तार किए गए खाप और किसान नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग उठाई गई है। इसके साथ ही प्रदर्शन के दौरान लोगों पर दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने की मांग भी रखी गई है।
चढूनी धरना स्थल पर मौजूद किसान और खाप नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं। बैठक में आगे के आंदोलन की दिशा और प्रशासन के सामने रखी जाने वाली मांगों को लेकर चर्चा की जा रही है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बैठक के बाद आंदोलन के अगले चरण को लेकर क्या फैसला लिया जाएगा।
दिग्विजय सिंह और संपत सिंह भी पहुंचे
धरना स्थल पर किसान नेता चढूनी के अलावा इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह और इनेलो नेता संपत सिंह की मौजूदगी भी दर्ज की गई है। अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक संगठनों से जुड़े नेताओं के धरने में पहुंचने से इस मामले को लेकर चल रहा विरोध व्यापक रूप लेता दिखाई दे रहा है।
नेताओं की मौजूदगी के बीच मुख्य मांग फिलहाल गिरफ्तार खाप एवं किसान नेताओं की रिहाई और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की है।
अर्धसैनिक बल की तैनाती से बढ़ी सुरक्षा
धरना स्थल पर आज अर्धसैनिक बल की तैनाती भी की गई है। सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बीच प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
अर्धसैनिक बल की तैनाती ऐसे समय हुई है जब धरना स्थल पर किसान और खाप नेताओं की गतिविधियां बढ़ी हैं और आंदोलन की आगामी रणनीति पर बैठक चल रही है। इससे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक कड़ी दिखाई दे रही है।
बैठक के बाद तय होगी आंदोलन की अगली दिशा
गुरनाम सिंह चढूनी की मौजूदगी में हो रही बैठक को इस आंदोलन के अगले चरण के लिहाज से अहम माना जा रहा है। किसान और खाप नेता गिरफ्तार लोगों की रिहाई तथा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग पर आगे की रणनीति तय कर सकते हैं।
फिलहाल सभी की नजर बैठक में होने वाले फैसले और प्रशासन की ओर से इन मांगों पर आने वाली प्रतिक्रिया पर है। यदि मांगों पर सहमति नहीं बनती है तो आंदोलन को आगे बढ़ाने को लेकर नया फैसला सामने आ सकता है।




