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PM Kisan 24th Installment: चार भाइयों के नाम अलग-अलग जमीन है तो क्या चारों को मिलेंगे ₹6,000? जानिए PM-KISAN का पूरा नियम

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) की 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के बीच एक सवाल काफी आम है—अगर एक ही घर में चार भाई रहते हैं और खेती की जमीन अलग-अलग भाइयों के नाम दर्ज है, तो क्या सभी को सालाना ₹6,000-₹6,000 मिल सकते हैं?

इस सवाल का जवाब सिर्फ इस बात से तय नहीं होता कि चारों भाई एक ही घर में रहते हैं। PM-KISAN के आधिकारिक नियमों में किसान परिवार की परिभाषा पति, पत्नी और नाबालिग बच्चों के रूप में दी गई है। योजना में लाभ की पहचान संबंधित राज्य/केंद्रशासित प्रदेश के भूमि रिकॉर्ड के आधार पर की जाती है।

इसका मतलब यह है कि चार वयस्क भाइयों का एक ही घर में रहना अपने आप में उन्हें PM-KISAN के लिए एक ही किसान परिवार नहीं बना देता। लेकिन प्रत्येक भाई की पात्रता उसकी अपनी पारिवारिक स्थिति, जमीन के रिकॉर्ड और योजना की अन्य शर्तों के आधार पर देखी जाएगी।

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चार भाइयों को कब मिल सकता है अलग-अलग लाभ?

मान लीजिए चार भाई एक ही मकान में रहते हैं, लेकिन चारों की अपनी-अपनी पत्नी और बच्चे हैं और खेती योग्य जमीन भी रिकॉर्ड में अलग-अलग उनके नाम दर्ज है। ऐसी स्थिति में केवल साथ रहने के आधार पर चारों को एक ही परिवार नहीं माना जाएगा।

यदि प्रत्येक भाई PM-KISAN की सभी पात्रता शर्तें पूरी करता है, तो प्रत्येक अलग किसान परिवार के रूप में लाभ पाने के लिए पात्र हो सकता है। योजना के तहत पात्र किसान परिवार को साल में ₹6,000, तीन बराबर किस्तों में ₹2,000-₹2,000 दिए जाते हैं।

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यानी चार अलग-अलग पात्र किसान परिवार होने की स्थिति में कुल लाभ ₹24,000 सालाना तक हो सकता है।

लेकिन यहां एक जरूरी सावधानी है—सिर्फ जमीन किसी व्यक्ति के नाम दर्ज होने से PM-KISAN का लाभ अपने आप सुनिश्चित नहीं होता। योजना में कई अपवर्जन (exclusion) भी लागू हैं।

अगर जमीन सिर्फ एक भाई के नाम है तो?

अब स्थिति बदल जाती है। चार भाई साथ रहते हैं और खेती भी मिलकर करते हैं, लेकिन जमीन के रिकॉर्ड में मालिक के तौर पर केवल एक भाई का नाम दर्ज है, तो बाकी भाइयों को सिर्फ खेती करने या परिवार का हिस्सा होने के आधार पर अलग-अलग PM-KISAN किस्त नहीं मिलेगी।

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PM-KISAN की पहचान में जमीन का आधिकारिक रिकॉर्ड महत्वपूर्ण है। योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार लाभार्थी किसान परिवार की पहचान संबंधित राज्य के भूमि रिकॉर्ड के आधार पर की जाती है। PM-KISAN की आधिकारिक वेबसाइट भी भूमि संबंधी दस्तावेजों को लाभार्थी के नाम से जोड़ने की आवश्यकता बताती है।

इसलिए “हम चारों भाई मिलकर खेती करते हैं” और “चारों के नाम जमीन दर्ज है”—ये दोनों अलग स्थितियां हैं।

एक ही जमीन पर कई भाइयों के नाम हों तो क्या होगा?

अगर किसी जमीन के रिकॉर्ड में एक से अधिक लोगों के नाम हैं, तो मामला सिर्फ परिवार के सदस्यों की संख्या देखकर तय नहीं किया जा सकता। PM-KISAN में भूमि रिकॉर्ड और लाभार्थी की पात्रता की जांच महत्वपूर्ण है।

सरकार ने ऐसे मामलों की पहचान के लिए सत्यापन व्यवस्था भी रखी है। PM-KISAN की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, ऐसे मामलों में जहां एक ही परिवार के एक से अधिक सदस्य लाभ ले रहे होने की आशंका है, लाभ को physical verification पूरा होने तक रोका जा सकता है।

इसलिए जमीन और परिवार की जानकारी में कोई गड़बड़ी होने पर किस्त अटक सकती है।

PM-KISAN में किसान परिवार किसे माना जाता है?

PM-KISAN के आधिकारिक दिशानिर्देश में किसान परिवार की परिभाषा स्पष्ट है। इसके मुताबिक पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे मिलकर किसान परिवार बनाते हैं, बशर्ते परिवार के पास संबंधित भूमि रिकॉर्ड में खेती योग्य जमीन हो।

यही कारण है कि दो वयस्क भाइयों का एक ही घर में रहना उन्हें योजना के नियमों में पति-पत्नी और नाबालिग बच्चों वाले एक ही किसान परिवार में नहीं बदलता।

हालांकि, हर मामले में भूमि रिकॉर्ड और परिवार की वास्तविक स्थिति देखना जरूरी है। केवल रिश्तेदारी या एक ही पता होने के आधार पर पात्रता तय करना सही नहीं होगा।

हर जमीन मालिक को ₹6,000 मिलना जरूरी नहीं

PM-KISAN में ₹6,000 का लाभ हर जमीन मालिक को स्वतः नहीं मिलता। योजना में कई श्रेणियों को लाभ से बाहर रखा गया है। इनमें कुछ संवैधानिक पदों पर रहे लोग, कुछ सरकारी कर्मचारी/सेवानिवृत्त कर्मचारी, आयकरदाता और कुछ पेशेवर श्रेणियां शामिल हैं।

इसके अलावा योजना में ई-केवाईसी भी अनिवार्य है। PM-KISAN की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार ई-केवाईसी पूरी करना जरूरी है और सरकार संदिग्ध लाभार्थी मामलों की भी जांच कर रही है।

इसलिए जमीन अलग-अलग नाम पर होने के बावजूद अन्य पात्रता शर्तें पूरी न करने वाला व्यक्ति योजना का लाभ नहीं ले पाएगा।

24वीं किस्त कब आएगी?

PM-KISAN की 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की जा चुकी है। इसके बाद अब किसानों को 24वीं किस्त का इंतजार है। आधिकारिक PM-KISAN पोर्टल पर योजना का भुगतान चक्र चार महीने के अंतराल में चलता है और लाभ तीन बराबर किस्तों में दिया जाता है।

इस आधार पर 24वीं किस्त का सामान्य भुगतान चक्र अगस्त से नवंबर 2026 है। लेकिन 16 अगस्त 2026 तक केंद्र सरकार ने 24वीं किस्त जारी करने की कोई निश्चित तारीख आधिकारिक रूप से घोषित नहीं की है।

इसलिए अक्टूबर में किस्त आने की बात को अभी पक्की तारीख नहीं माना जाना चाहिए। तारीख घोषित होने के बाद ही किसानों को निश्चित जानकारी मिलेगी।

किसान अपना स्टेटस कैसे जांचें?

PM-KISAN की आधिकारिक वेबसाइट पर किसान अपना Know Your Status (KYS) देखकर लाभ की स्थिति की जानकारी ले सकते हैं। सरकार ने यह भी कहा है कि जिन मामलों में एक से अधिक परिवार के सदस्यों के लाभ लेने की आशंका है, उनकी स्थिति की जांच की जा सकती है।

इसलिए 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों को सबसे पहले यह देख लेना चाहिए कि उनका भूमि रिकॉर्ड सही है, ई-केवाईसी पूरी है और PM-KISAN रिकॉर्ड में उनकी पात्रता संबंधी कोई समस्या तो नहीं दिखाई जा रही।

सीधी बात

चार भाई एक ही घर में रहते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि केवल एक भाई को ही PM-KISAN का लाभ मिलेगा। अगर चारों वयस्क भाइयों के अलग-अलग किसान परिवार हैं, खेती योग्य जमीन संबंधित रिकॉर्ड में उनके नाम है और वे योजना की बाकी सभी शर्तें पूरी करते हैं, तो प्रत्येक की पात्रता अलग से देखी जा सकती है।

वहीं, अगर जमीन केवल एक भाई के नाम है या अन्य पात्रता शर्तें पूरी नहीं होतीं, तो बाकी भाइयों को केवल साथ खेती करने के आधार पर अलग-अलग ₹6,000 का दावा नहीं बनता।

Saloni Yadav

सलोनी यादव 'विराट भारत न्यूज़' में वरिष्ठ शिक्षा एवं जनहित मामलों की संपादक हैं। वे शिक्षा विभाग, प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC, SSC, REET, CET), केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और आम नागरिकों के दैनिक काम की खबरों का सटीक विश्लेषण करती हैं। उनका उद्देश्य छात्रों और आम जनता तक सही समय पर प्रामाणिक जानकारी पहुँचाना है।

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