मंगलवार, 25 अगस्त 2026

इंस्टाग्राम की मनमानी पर मोदी सरकार का सर्जिकल स्ट्राइक, आपत्तिजनक विज्ञापनों पर भड़का मंत्रालय, कंपनी को भेजा 7 दिनों का अल्टीमेटम!

Written by: Priyanshi Rao

Published:

केंद्र सरकार ने इंस्टाग्राम (Meta) को जारी किया सख्त कारण बताओ नोटिस। बाल यौन शोषण (CSAM) से जुड़े विज्ञापनों पर मांगी गई सफाई। आईटी मंत्रालय ने जवाब देने के लिए दिया सिर्फ 7 दिनों का समय। नियमों का पालन न करने पर आईटी एक्ट के तहत होगी कड़ी कार्रवाई।


नई दिल्ली (टेक डेस्क): सोशल मीडिया कंपनियों की लापरवाही और मुनाफे की भूख के खिलाफ भारत सरकार ने अब तक का सबसे कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। केंद्र सरकार ने फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) को बाल यौन शोषण सामग्री (Child Sexual Abuse Material – CSAM) को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों के मामले में एक सख्त नोटिस जारी किया है। 

विज्ञापन

यह कार्रवाई एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट में हुए उस खुलासे के बाद की गई है, जिसमें बताया गया था कि इंस्टाग्राम पर ऐसे विज्ञापन धड़ल्ले से चल रहे हैं जो बाल अश्लीलता परोसते हैं।

आईटी मंत्रालय ने 7 दिन का दिया अल्टीमेटम, अधिकारियों को किया तलब

विराट भारत की नेशनल डेस्क प्रमुख प्रियांशी राव को मिली जानकारी के अनुसार, Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। 

विज्ञापन

मंत्रालय ने मेटा को निर्देश दिया है कि वे अपने प्लेटफॉर्म से ऐसे सभी विज्ञापनों को तुरंत प्रभाव से हटाएं जो बाल शोषण को किसी भी रूप में बढ़ावा देते हैं। 

नोटिस में साफ तौर पर कहा गया है कि कंपनी को अगले 7 दिनों के भीतर यह बताना होगा कि उनकी कंटेंट मॉडरेशन पॉलिसी (Content Moderation Policy) फेल क्यों हुई और भविष्य में इसे रोकने के लिए उन्होंने क्या कदम उठाए हैं।

बीबीसी की जांच में खुली थी इंस्टाग्राम के एल्गोरिदम की पोल

इस पूरे बवाल की जड़ BBC News की एक विशेष जांच है, जिसमें यह खुलासा किया गया था कि इंस्टाग्राम के एल्गोरिदम ने बाल यौन शोषण से जुड़े कीवर्ड्स वाले विज्ञापनों को न केवल अप्रूव किया बल्कि उन्हें भारतीय यूज़र्स को टारगेट करके दिखाया भी। 

रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ये विज्ञापन यूज़र्स को टेलीग्राम जैसे अन्य ऐप्स पर ले जाते थे, जहाँ बच्चों के अश्लील वीडियो बेचे जा रहे थे। इस रिपोर्ट के सामने आते ही केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को मेटा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

आईटी एक्ट की धारा 79 के तहत छिन सकता है सुरक्षा कवच

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मेटा इस नोटिस का संतोषजनक जवाब देने में विफल रहता है तो सरकार आईटी अधिनियम (IT Act) की धारा 79 के तहत कंपनी को मिली ‘सेफ हार्बर’ (Safe Harbor) की सुरक्षा वापस ले सकती है। 

इसका मतलब यह होगा कि प्लेटफॉर्म पर पोस्ट की गई किसी भी गैर-कानूनी सामग्री के लिए सीधे तौर पर कंपनी और उसके अधिकारी जिम्मेदार होंगे और उन पर भारतीय कानून के तहत आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जा सकेंगे। 

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इंटरनेट को सुरक्षित बनाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

Priyanshi Rao
लेखक के बारे में Priyanshi Rao

प्रियांशी यादव 'विराट भारत न्यूज़' में वरिष्ठ राजनीति एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों की विश्लेषक हैं। वे राष्ट्रीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों, संसदीय कार्यवाहियों और वैश्विक कूटनीति पर पैनी नज़र रखती हैं। उनके विश्लेषणात्मक लेख पाठकों को जटिल राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों की सरल समझ प्रदान करते हैं। View all posts by Priyanshi Rao →

संबंधित खबरें

Join Us