चंडीगढ़/पंचकुला (समाचार डेस्क): हरियाणा सरकार ने प्रदेश के गरीब और निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों को उनका अपना आशियाना देने के लिए 'मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना' के दूसरे चरण को हरी झंडी दे दी है।
यह योजना उन लोगों के लिए एक मील का पत्थर साबित हो रही है जो वर्षों से शहरों में महंगे किराए पर रहने को मजबूर हैं।
हाउसिंग फॉर ऑल (Housing for All) विभाग द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार, इस बार पूरी आवेदन प्रक्रिया को और अधिक सरल और पारदर्शी बनाया गया है ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को बिना किसी दफ्तर के चक्कर काटे इस योजना का सीधा लाभ मिल सके।
इसके लिए आधिकारिक सरकारी पोर्टल को आगामी 8 जुलाई 2026 से दोबारा पूरी तरह लाइव कर दिया जाएगा, जहाँ आवेदक अपनी प्राथमिकताओं को दर्ज कर सकेंगे।
केवल ये परिवार ही कर सकेंगे आवेदन, आय सीमा तय
विराट भारत की यूटिलिटी डेस्क प्रमुख सलोनी यादव की रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ बेहद कड़े मापदंड तय किए हैं।
योजना में केवल वही परिवार आवेदन करने के पात्र माने जाएंगे जिनकी परिवार पहचान पत्र (PPP) यानी फैमिली आईडी में सत्यापित सालाना आय 1 लाख 80 हजार रुपये या उससे कम है। इसके अलावा आवेदक के नाम पर या उसके परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर पूरे देश में कोई भी पक्का मकान या पंजीकृत प्लॉट नहीं होना चाहिए।
सरकार इस बार मुख्य रूप से घुमंतू जातियों, विधवाओं, अनुसूचित जातियों और उन भूमिहीन मजदूरों को प्राथमिकता दे रही है जो पिछले कई वर्षों से हरियाणा के घोषित शहरी क्षेत्रों में झुग्गियों या किराए के कमरों में अपना गुजर-बसर कर रहे हैं।
आवेदन के लिए ये ज़रूरी दस्तावेज रखें तैयार
सीएससी (CSC) केंद्रों पर भीड़ और आखिरी समय की तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए विभाग ने आवेदकों को अपने दस्तावेज पहले से तैयार रखने की सलाह दी है।
ऑनलाइन फॉर्म भरते समय आवेदकों को अपनी अपडेटेड फैमिली आईडी, आधार कार्ड, बैंक खाता पासबुक (जो आधार से लिंक हो) और हरियाणा का मूल निवास प्रमाण पत्र (Domicile) अपलोड करना अनिवार्य होगा।
अधिकारियों का कहना है कि फॉर्म भरने के लिए कुल 20 दिनों का समय दिया जाएगा, जिसके बाद प्राप्त आवेदनों की स्क्रूटनी की जाएगी और पूरी तरह से कंप्यूटरीकृत ड्रॉ प्रणाली के माध्यम से पारदर्शी तरीके से प्लॉट या फ्लैट आवंटित किए जाएंगे।
यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी देकर फॉर्म भरता है, तो उसका आवेदन रद्द करने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
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