मंगलवार, 11 अगस्त 2026

पुरी में जगन्नाथ रथ यात्रा शुरू, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम मोदी ने दी देशवासियों को शुभकामनाएं

Written by: Vinod Yadav

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पुरी में ऐतिहासिक जगन्नाथ रथ यात्रा शुरू। राष्ट्रपति ने भक्तों-भगवान का अनोखा मिलन बताया। पीएम मोदी ने सांस्कृतिक विरासत को सराहा। तीन पवित्र रथ सिंहद्वार के सामने पहुंचे। लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के कड़े इंतजाम।


पुरी में जगन्नाथ रथ यात्रा शुरू, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम मोदी ने दी देशवासियों को शुभकामनाएं
पुरी में जगन्नाथ रथ यात्रा शुरू, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम मोदी ने दी देशवासियों को शुभकामनाएं
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राष्ट्रीय ब्यूरो, पुरी/नई दिल्ली: सनातन संस्कृति के सबसे बड़े और आस्था के वैश्विक प्रतीक महाप्रभु श्री जगन्नाथ की विश्वप्रसिद्ध वार्षिक रथ यात्रा गुरुवार (16 जुलाई 2026) को ओडिशा के पवित्र धाम पुरी में पारंपरिक श्रद्धा और अभूतपूर्व हर्षोल्लास के साथ शुरू हो गई है।

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इस पावन अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत सहित दुनियाभर में फैले महाप्रभु के लाखों श्रद्धालुओं को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। पुरी में तीनों देवों के रथों की रवानगी के साथ ही भक्ति का ऐसा सैलाब उमड़ा है, जिसमें देश-विदेश के कोने-कोने से आए श्रद्धालु सराबोर नजर आ रहे हैं।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर साझा किया संदेश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए इस उत्सव को भक्त और भगवान के बीच के अटूट और अलौकिक बंधन का एक अनूठा उत्सव बताया। राष्ट्रपति ने लिखा:

“यह एक सार्वभौमिक मान्यता है कि इस पवित्र भव्य जुलूस के दौरान, महाप्रभु श्री जगन्नाथ, चक्रराज सुदर्शन, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ स्वयं भक्तों से मिलने गर्भगृह से बाहर आते हैं।”

उन्होंने महाप्रभु से देशवासियों की सुख, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की।

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस पावन यात्रा को भारत की कालातीत आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का एक चमकीला प्रतीक बताया। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि रथ यात्रा से जुड़ी समृद्ध परंपराएं सदियों से भारत और पूरी दुनिया को प्रेरित करती आ रही हैं। यह पर्व हमें विनम्रता, सामूहिक भागीदारी और निस्वार्थ सेवा का संदेश देता है। पीएम ने प्रार्थना की कि भगवान जगन्नाथ सभी को उत्तम स्वास्थ्य और समाज में आपसी भाईचारे की भावना को और गहरा करने की शक्ति दें।

‘आज्ञा माला बीजे’ अनुष्ठान के बाद रथशाला से निकले दिव्य रथ

ग्राउंड जीरो पुरी से मिल रही सांस्कृतिक रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य रथ यात्रा के शुभारंभ से पहले आज सुबह जगन्नाथ मंदिर और रथखला (पारंपरिक ओपन-एयर वर्कशॉप) में बेहद गुप्त और पवित्र वैदिक अनुष्ठान पूरे किए गए।

  • नंदिघोष: महाप्रभु श्री जगन्नाथ के इस मुख्य रथ को आज्ञा माला मिलने के बाद मुख्य द्वार की ओर बढ़ाया गया।
  • तालध्वज: बड़े भाई भगवान बलभद्र के भव्य रथ ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज के बीच मंदिर के सिंहद्वार की ओर रुख किया।
  • दर्पदलन: देवी सुभद्रा के रथ को भी ‘आज्ञा माला बीजे’ की मुख्य रस्म के बाद रथशाला से निकालकर मंदिर के अग्रभाग में स्थापित कर दिया गया है।

सुरक्षा और व्यवस्था के चाक-चौबंद इंतजाम

ओडिशा सरकार और पुरी जिला प्रशासन ने भीषण गर्मी और उमस के बीच लाखों की संख्या में उमड़े श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक लॉजिस्टिक और सुरक्षा व्यवस्थाएं की हैं। मंदिर परिसर से लेकर गुंडिचा मंदिर तक के पूरे ‘बड़दांड’ (मुख्य मार्ग) को सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों की निगरानी में रखा गया है।

वीआईपी मूवमेंट और भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और ओडिशा पुलिस के हजारों जवानों को तैनात किया गया है। मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु इन रथों की डोरी को छूता है या महाप्रभु के रथ पर दर्शन करता है, उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।

Vinod Yadav
लेखक के बारे में Vinod Yadav

विनोद यादव 'विराट भारत न्यूज़' के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे डिजिटल मीडिया, रणनीतिक पत्रकारिता और निष्पक्ष समाचार कवरेज में वर्षों का अनुभव रखते हैं। उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय मुद्दों, प्रशासनिक पारदर्शिता और जनहितैषी पत्रकारिता पर है। विराट भारत न्यूज़ के माध्यम से वे पाठकों तक सत्य, विश्वसनीय और सटीक समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। View all posts by Vinod Yadav →

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