बारूईपुर/कोलकाता (क्राइम डेस्क): पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना के बारूईपुर उपमंडल में रविवार को शुरू हुआ हिंसक बवाल आज सोमवार 6 जुलाई 2026 की सुबह तक एक बड़े राजनीतिक युद्ध में बदल गया है। सूर्यपुर हाट के पास एक तालाब से 12 साल की मासूम बच्ची का शव बोरी में ठंसा हुआ मिलने के बाद पूरे सूबे में कानून-व्यवस्था की स्थिति चरमरा गई है। इस संवेदनशील मामले में अब खुद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की सीधी एंट्री हो गई है, जिसके बाद प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर बड़े घटनाक्रम सामने आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पीड़ित पिता को फोन कर दिया कड़ा आश्वासन
विराट भारत के मुख्य संवाददाता विपिन जैलदार को The New Indian Express की लाइव ग्राउंड रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार रविवार को करीब 5 घंटे तक प्रदर्शनकारियों ने बारूईपुर-जयनगर मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम रखा था और पुलिस पर जमकर पथराव किया था। हालात बेकाबू होते देख सूबे के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने खुद पीड़ित लड़की के पिता से फोन पर बात की।
मुख्यमंत्री ने परिवार को सांत्वना देते हुए आश्वासन दिया कि दरिंदों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और मामले की जांच हाई-लेवल पर होगी। सीएम के निर्देश पर पीड़ित परिवार को मंगलवार को राज्य पुलिस मुख्यालय भवानी भवन बुलाया गया है। इस बातचीत और आईजीपी कंकरप्रसाद बारुई के समझाने के बाद प्रदर्शनकारी सड़क से हटने और शव को पोस्टमार्टम के लिए सौंपने पर राजी हुए।
ममता बनर्जी के आवास के बाहर केंद्रीय बल तैनात, टीएमसी ने लगाया हाउस अरेस्ट का आरोप
इस पूरे आपराधिक मामले ने उस समय भीषण राजनीतिक रंग ले लिया जब पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी ने बारूईपुर जाकर पीड़ित परिवार से मिलने की घोषणा की।
The Hindu की ताजा प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार ममता बनर्जी के इस ऐलान के तुरंत बाद कोलकाता पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने उनके कालीघाट स्थित आवास के बाहर भारी बैरिकेडिंग कर दी और भारी संख्या में जवानों को तैनात कर दिया।
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टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर आरोप लगाया है कि सरकार ने डर के मारे ममता बनर्जी को उनके घर के भीतर ही ‘हाउस अरेस्ट’ (नजरबंद) कर दिया है ताकि वे कानून-व्यवस्था पर सवाल न उठा सकें। इस कदम के बाद कोलकाता में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
एसआईटी (SIT) का गठन, लिंचिंग और हिंसा के मामलों में ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां
इधर बारूईपुर के धपधपी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भारी मात्रा में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और पुलिस बल तैनात है। उग्र भीड़ ने रविवार को जिस 26 वर्षीय संदिग्ध युवक इंद्रजीत तांती की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी, उस मामले में भी पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है।
प्रशासन ने इस पूरे घटनाक्रम (दुष्कर्म, हत्या, हिंसा और मॉब लिंचिंग) की गहराई से जांच करने के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मुख्य वारदात के संबंध में अब तक 2 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और लिंचिंग मामले में शामिल उपद्रवियों की पहचान के लिए स्थानीय वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
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