शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026

गुरुग्राम में प्रॉपर्टी टैक्स के नए नियम लागू: महिलाओं और नियमित टैक्सपेयर्स की बल्ले-बल्ले, जानिए किसे मिलेगी 25% तक की छूट?

Written by: Vipin Zaildar

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हरियाणा में 1 अगस्त से नया प्रॉपर्टी टैक्स नियम लागू। गुरुग्राम के 7.5 लाख प्रॉपर्टी मालिकों के लिए राहत। महिलाओं को 25% और रेगुलर टैक्सपेयर्स को मिलेगी अतिरिक्त छूट। 31 अगस्त तक पुराने रेट से टैक्स भरने का मौका।


गुरुग्राम में प्रॉपर्टी टैक्स के नए नियम लागू: महिलाओं और नियमित टैक्सपेयर्स की बल्ले-बल्ले, जानिए किसे मिलेगी 25% तक की छूट?
गुरुग्राम में प्रॉपर्टी टैक्स के नए नियम लागू: महिलाओं और नियमित टैक्सपेयर्स की बल्ले-बल्ले, जानिए किसे मिलेगी 25% तक की छूट?
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गुरुग्राम (Haryana News): अगर आप साइबर सिटी गुरुग्राम में रहते हैं और अपने घर का प्रॉपर्टी टैक्स भरते हैं, तो यह खबर आपके बजट और जेब दोनों पर सीधा असर डालने वाली है। राज्य सरकार ने 1 अगस्त से हरियाणा में नया प्रॉपर्टी टैक्स फ्रेमवर्क लागू कर दिया है। नगर निगम गुरुग्राम (MCG) के आंकड़ों के मुताबिक, शहर में कुल 7.5 लाख रजिस्टर्ड प्रॉपर्टी IDs हैं, और नए नियमों के लागू होते ही अब इनमें से लाखों मकान मालिकों का गणित बदलने वाला है।

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इस बार की नीति सिर्फ टैक्स वसूलने के बारे में नहीं है, बल्कि समय पर टैक्स भरने वालों और महिला मकान मालिकों को सीधे तौर पर इनाम देने के मॉडल पर आधारित है।

महिलाओं के नाम घर है तो बड़ा फायदा: 25% तक सीधी बचत

गुरुग्राम में करीब 2.5 लाख आवासीय संपत्तियां ऐसी हैं, जो महिलाओं के नाम पर रजिस्टर्ड हैं। नए नियमों के तहत, महिला घर-मालिकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रॉपर्टी टैक्स में 25 प्रतिशत की विशेष छूट (Rebate) दी जा रही है।

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इसके अलावा, सरकार ने उन नागरिकों का भी ध्यान रखा है जो बिना किसी डिफॉल्ट के नियमित रूप से नगर निगम की तिजोरी भरते आए हैं।

अचानक टैक्स के बोझ से राहत: सरकार ने लगाई ‘कैप’

अक्सर देखा जाता है कि नए असेसमेंट सिस्टम के लागू होते ही प्रॉपर्टी टैक्स अचानक दोगुना या तीन गुना बढ़ जाता है, जिससे आम जनता पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है। नायब सिंह सैनी सरकार ने इस डर को खत्म करने के लिए सालाना टैक्स बढ़ोतरी की एक ऊपरी सीमा (Cap) तय कर दी है।

क्या है नया कैपिंग नियम?

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  • छोटे मकानों और अपार्टमेंट्स के लिए रिवाइज्ड प्रॉपर्टी टैक्स पिछले टैक्स की राशि से 1.25 गुना (125%) से ज्यादा नहीं बढ़ सकता।

  • बड़ी आवासीय और व्यावसायिक (Commercial) संपत्तियों के लिए भी टैक्स वृद्धि की अलग-अलग सीमाएं लागू की गई हैं ताकि अचानक कोई बड़ा झटका न लगे।

31 अगस्त तक का ‘ग्रेस पीरियड’: पुराने रेट्स पर टैक्स चुकाने का आखिरी मौका

निगम प्रशासन ने शहरवासियों को एक बड़ी राहत यह दी है कि वे 31 अगस्त 2026 तक साल 2013 के पुराने रेट्स के आधार पर ही अपने बकाया टैक्स का भुगतान कर सकते हैं।

  • 1 सितंबर से लागू होंगी नई दरें: 31 अगस्त के बाद यह विकल्प समाप्त हो जाएगा और 1 सितंबर से नए टैक्स रेट्स अनिवार्य रूप से लागू कर दिए जाएंगे।

  • एडवांस पेयर्स को राहत: जिन प्रॉपर्टी मालिकों ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पहले ही अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा कर दिया है, उन्हें नए असेसमेंट के तहत कोई भी अतिरिक्त राशि (Difference amount) देने की जरूरत नहीं होगी।

नगर निगम अधिकारियों का मानना है कि इस नई नीति से टैक्स कलेक्शन सिस्टम में पारदर्शिता (Transparency) आएगी और जो नागरिक जिम्मेदारी से समय पर टैक्स चुकाते हैं, उन्हें इसका सीधा वित्तीय लाभ भी मिलेगा।

Vipin Zaildar
About the Author Vipin Zaildar

विपिन जैलदार 'विराट भारत न्यूज़' के मुख्य विशेष संवाददाता हैं। वे खोजी पत्रकारिता (Investigative Journalism), अपराध जगत (Crime Reporting), SOG एवं STF की विशेष कार्रवाइयों और हरियाणा व राजस्थान के क्षेत्रीय एवं जमीनी मुद्दों को गहराई से कवर करने में माहिर हैं। वे अपनी निडर और निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। View all posts by Vipin Zaildar →

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