फतेहाबाद (Haryana News): रतिया सरकारी कॉलेज प्रिंसिपल पर महिला लेक्चरर्स के गंभीर आरोप! प्रिंसिपल अकेले कमरे में बुलाकर करते हैं कपड़ों पर टिप्पणी
फतेहाबाद के रतिया महिला कॉलेज में कार्यकारी प्रिंसिपल के खिलाफ स्टाफ ने मोर्चा खोल दिया है। महिला लेक्चरर्स ने प्रिंसिपल पर कपड़ों और रंग को लेकर भद्दी टिप्पणियां करने और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। प्रशासन ने 5 सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है।
फतेहाबाद/रतिया: हरियाणा के फतेहाबाद जिले से शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। रतिया स्थित शहीद देवेंद्र सिंह राजकीय महिला महाविद्यालय (Government Girls College) के कार्यकारी प्रिंसिपल परमजीत संधा पर स्टाफ ने मानसिक उत्पीड़न (Mental Harassment) और महिला प्रोफेसरों के साथ अभद्र व्यवहार करने के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।
मामला इतना बढ़ गया है कि कॉलेज के 21 स्टाफ सदस्यों ने लामबंद होकर जिला प्रशासन और उच्चतर शिक्षा विभाग के पास लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
क्या है पूरा विवाद? (Context Expansion)
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जब से कार्यकारी प्रिंसिपल को ड्राइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर (DDO - आहरण एवं संवितरण अधिकारी) की शक्तियां मिली हैं, उनका व्यवहार तानाशाही और आपत्तिजनक हो गया है।
महिला एक्सटेंशन लेक्चरर्स (Extension Lecturers) ने कैमरे के सामने आकर अपना दर्द बयां किया है। उनका कहना है कि प्रिंसिपल महिला स्टाफ को अकेले कमरे में बुलाते हैं और उनके चेहरे के रंग (Complexion) और कपड़ों (Attire) को लेकर व्यक्तिगत टिप्पणियां करते हैं।
एक शिक्षिका ने भावुक होते हुए बताया:
"हमें अक्सर कहा जाता है कि आज तुम अच्छी लग रही हो। यह प्रशंसा नहीं, बल्कि असहज करने वाला व्यवहार (Inappropriate Behavior) है। पिछले एक साल से हम इस मानसिक प्रताड़ना को झेल रहे हैं, जिसका सीधा असर हमारी टीचिंग क्वालिटी और कॉलेज के माहौल पर पड़ रहा है।"
कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और नियम
इस मामले ने एक बार फिर कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (POSH Act) और गरिमा के सवाल को खड़ा कर दिया है। नियमानुसार, किसी भी सरकारी संस्थान में यदि इस तरह की शिकायत आती है तो 'इंटरनल कंप्लेंट कमेटी' (ICC) को तुरंत सक्रिय होना चाहिए।
रतिया के इस मामले में सामूहिक शिकायत (Mass Complaint) का होना यह दर्शाता है कि विवाद गहरा है और इसमें केवल व्यक्तिगत रंजिश नहीं, बल्कि संस्थान के कार्य-संस्कृति (Work Culture) का संकट है।
प्रशासनिक एक्शन और प्रिंसिपल का पक्ष
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए फतेहाबाद के उपायुक्त (DC) ने रतिया के एसडीएम की अध्यक्षता में एक पांच सदस्यीय जांच कमेटी (Five-member Inquiry Committee) का गठन कर दिया है।
वहीं कार्यकारी प्रिंसिपल परमजीत संधा ने इन सभी आरोपों को निराधार (Baseless) बताया है। उनका कहना है कि उन्हें फंसाया जा रहा है और वे किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं।