चंडीगढ़: हरियाणा के अन्नदाताओं के लिए एक सुखद और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य के किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card - KCC) धारक किसानों को किसी अनहोनी या हादसे की स्थिति में संबल देने के लिए एक विशेष दुर्घटना बीमा योजना (Accident Insurance Scheme) की शुरुआत की गई है। इस योजना की सबसे बड़ी खूबी इसका बेहद किफायती प्रीमियम है—किसानों को इस सुरक्षा चक्र के लिए सालभर में महज 63 पैसे खर्च करने होंगे, जबकि दुर्घटना की स्थिति में उन्हें अधिकतम 50,000 रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाएगी।
हरको बैंक और इफको-टोकियो का अहम समझौता
हरियाणा राज्य सहकारी अपेक्स बैंक (HARCO Bank) ने वित्त वर्ष 2026 के लिए इस कल्याणकारी योजना को अमलीजामा पहनाया है। योजना के क्रियान्वयन के लिए हरको बैंक ने केंद्रीय सहकारी बैंकों (Central Cooperative Banks) और इफको-टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी (IFFCO-Tokio General Insurance) के साथ एक औपचारिक समझौता (Tie-up) किया है। इसका मुख्य उद्देश्य करीब 5 लाख पात्र किसानों को जोखिम मुक्त करना और किसी भी अनहोनी की स्थिति में उनके परिवार पर पड़ने वाले अचानक आर्थिक संकट (Financial Crisis) को कम करना है।
प्रीमियम का गणित: बैंक उठाएगा 66% से अधिक खर्च
इस बीमा पॉलिसी का कुल वार्षिक प्रीमियम (Annual Premium) 1.90 रुपये तय किया गया है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा बैंक वहन कर रहा है। कुल प्रीमियम में से 1.27 रुपये हरको बैंक और संबंधित केंद्रीय सहकारी बैंक मिलकर चुकाएंगे, जबकि किसान के हिस्से केवल 63 पैसे आएंगे। यानी नाममात्र की लागत में किसानों को एक साल के लिए 50 हजार रुपये तक का वित्तीय कवच हासिल होगा।
नुकसान की गंभीरता के अनुसार तय होगा क्लेम
योजना के तहत मिलने वाली 50 हजार रुपये की राशि एकमुश्त या हर स्थिति के लिए तय नहीं है, बल्कि यह नुकसान की गंभीरता और श्रेणी (Category of Loss) पर निर्भर करेगी। निर्धारित नियमों के तहत:
- दुर्घटना में दोनों हाथों, दोनों पैरों या दोनों आंखों को स्थायी नुकसान (Permanent Disability) पहुंचने या मृत्यु होने पर अधिकतम 50,000 रुपये तक का क्लेम (Insurance Claim) मिल सकता है।
- वहीं, किसी एक हाथ, एक पैर या एक आंख को गंभीर क्षति पहुंचने पर 25,000 रुपये तक की बीमा राशि का प्रावधान किया गया है।
किन्हें मिलेगा लाभ और क्या है क्लेम प्रक्रिया?
यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह योजना केवल उन्हीं किसानों के लिए मान्य होगी जिनका केसीसी खाता हरको बैंक या उससे संबद्ध सहकारी बैंकों की शाखाओं के माध्यम से संचालित हो रहा है।
दुर्घटना होने की स्थिति में पीड़ित किसान या उसके परिजनों को 120 दिन के भीतर संबंधित बैंक शाखा या बीमा कंपनी को औपचारिक लिखित सूचना देनी होगी। क्लेम फाइल करते समय दुर्घटना की प्रकृति के अनुसार आवश्यक दस्तावेज (Documents) जैसे पुलिस प्राथमिकी (FIR), पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सा प्रमाण पत्र (Medical Certificate) और कानूनी उत्तराधिकारी (Legal Heir) संबंधी कागजात जमा कराने होंगे।
किसानों को सलाह दी जाती है कि वे योजना की सक्रियता, पात्रता और क्लेम से जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देशों की पुष्टि अपनी नजदीकी हरको बैंक शाखा से अवश्य कर लें।



