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मॉनसून का सुपर स्पेल: अगले 7 दिन देश के 20 से ज्यादा राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, जानें आपके शहर का हाल

मौसम विभाग (IMD) ने 4 सितंबर को दिल्ली-NCR, यूपी, एमपी और बिहार समेत 20+ राज्यों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। ये तो तय है कि मौसम का मिजाज अब बदल रहा है ओर सितंबर महीने में भी मानसून की क्रिया प्रतिक्रिया अब सामान्य हो चुकी है। पढ़िए यहां सितंबर महीने में आज से अगले 7 दिनों का सटीक मौसम कैसा रहने वाला है।

विराट भारत न्यूज, मौसम अपडेट । सितंबर के महीने में मॉनसून की विदाई की अटकलों के बीच मौसम की सभी प्रणालियों ने पूरी तरह पलटी मार दी है। पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों पर सक्रिय सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र (Well-Marked Low-Pressure Area) के चलते मानसूनी हवाओं में भारी नमी आ चुकी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD Mausam) के ताज़ा बुलेटिन के अनुसार आज देश के 20 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

मैदानी इलाकों में जहां उमस और जलभराव का खतरा गहरा गया है वहीं पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन की आशंका बढ़ गई है। सितंबर महीने में मौसम के इस रवैए के चलते किसानों को भी काफी सहना पड़ रहा है ओर साथ में पहाड़ी इलाकों में भारी तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है।

आज का मौसम: किन राज्यों में बिगड़ेगा मिजाज?

उत्तर भारत (दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब): आज सुबह से ही आसमान में घने बादलों का डेरा है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR), चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब के अधिकांश हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।

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मध्य और पूर्वी भारत (एमपी, यूपी, बिहार): मध्य प्रदेश के पूर्वी और उत्तरी जिलों में अत्यधिक भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी है। उत्तर प्रदेश और बिहार के गंगा तटीय इलाकों में बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ लगातार वर्षा जनजीवन को प्रभावित कर सकती है।

पहाड़ी राज्य (उत्तराखंड और हिमाचल): लगातार नमी के प्रवाह से उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के संवेदनशील ढलानों पर भूस्खलन और अचानक तेज बहाव (Flash Floods) की स्थिति बन सकती है।

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आने वाले 7 दिनों का मौसम पूर्वानुमान (4 सितंबर से 11 सितंबर)

मौसम विभाग के एक्सटेंडेड रेंज मॉडल के अनुसार अगले एक सप्ताह के दौरान मॉनसून की चाल कुछ इस तरह रहने वाली है:

4 और 5 सितंबर (पीक इंटेंसिटी): मध्य प्रदेश, राजस्थान के पूर्वी हिस्सों, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-हरियाणा में बारिश का दौर सबसे आक्रामक रहने वाला है।

6 और 7 सितंबर (उत्तर भारत में राहत, दक्षिण में सुस्ती): उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे घटने लगेगी और आंशिक धूप निकलेगी। प्रायद्वीपीय भारत (कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश) में मानसूनी गतिविधियां सामान्य से काफी कमजोर रहेंगी।

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8 से 10 सितंबर (तापमान में बढ़त): दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी राजस्थान में बारिश थमने के बाद उमस बढ़ेगी और दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस ऊपर दर्ज हो सकता है।

11 सितंबर (नया चक्रवाती परिसंचरण): बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया मौसमी परिसंचरण सक्रिय होने के संकेत हैं, जिससे ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का एक और दौर शुरू हो सकता है।

मौसम विभाग की ग्राउंड एडवाइजरी और सुरक्षा निर्देश

मौसम विभाग की तरफ से किसानों के लिए सलाह दी गई है। जिन इलाकों में खरीफ की फसलें पकने की कगार पर हैं वहां खेतों से जल निकासी की व्यवस्था तुरंत दुरुस्त रखें और भारी बारिश के दौरान रासायनिक छिड़काव रोक दें। इससे फसलों में अधिक नुकसान से बचाव किया जा सकता है।

इसके अलावा निचले अंडरपास और पुराने ड्रेनेज वाले शहरी क्षेत्रों में यात्रा करते समय स्थानीय ट्रैफ़िक अपडेट का ध्यान रखें। ट्रैफिक पुलिस के द्वारा सुझाये गए रूट से ही आवागमन करें ताकि किसी भी प्रकार की समस्या से बचाव हो सके। मौसम विभाग ने कहा है कि गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों या धातु के खंभों के नीचे शरण लेने से पूरी तरह बचें क्योंकि इससे हादसा हो सकता है।

Dharmendra Acharya

धर्मेंद्र आचार्य 'विराट भारत न्यूज़' में मुख्य कृषि एवं मौसम संपादक हैं। वे आधुनिक कृषि तकनीकों, ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural Economy), मौसम विज्ञान, फसलों के वैज्ञानिक प्रबंधन और मंडियों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की सटीक रिपोर्टिंग करते हैं। वे भारतीय किसानों और ग्रामीण भारत की आवाज़ को मजबूती से उठाते हैं।

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