मंगलवार, 18 अगस्त 2026

Haryana Property News: खट्टर सरकार के पुराने नियम में बड़ा सुधार, अब बेटी के बच्चों को भी बिना टैक्स मिलेगी पैतृक संपत्ति, जारी हुआ गजट

Written by: Vipin Zaildar

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हरियाणा सरकार ने प्रॉपर्टी ट्रांसफर नियमों में भाषा का एक बड़ा कन्फ्यूजन दूर कर दिया है। अब परिवार में बेटी के बच्चों (नानी-नातिन/दोहता-दोहती) को संपत्ति ट्रांसफर करने पर 100% स्टैंप ड्यूटी की छूट का रास्ता साफ हो गया है


खट्टर सरकार के पुराने नियम में बड़ा सुधार
खट्टर सरकार के पुराने नियम में बड़ा सुधार
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चंडीगढ़: हरियाणा में अपनी बेटी के बच्चों यानी नाती-नातिन (दोहता-दोहती) के नाम अपनी जमीन या मकान ट्रांसफर करने वाले बुजुर्गों के लिए सरकार ने एक बहुत बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने प्रॉपर्टी ट्रांसफर पर मिलने वाली स्टैंप ड्यूटी छूट को लेकर सालों से चले आ रहे एक कानूनी भ्रम को पूरी तरह खत्म कर दिया है। अब बेटियों के बच्चों को भी संपत्ति ट्रांसफर करने पर 100 फीसदी स्टैंप ड्यूटी की छूट का कानूनी अधिकार मिल गया है।

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अंग्रेजी और हिंदी के फेर में फंसा था पूरा पेंच

दरअसल, यह पूरा मामला साल 2014 के एक पुराने नियम से जुड़ा है। राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि 16 जून 2014 को हरियाणा सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी किया था। इसके तहत माता-पिता, बच्चे, भाई-बहन, जीवनसाथी और पोते-पोतियों के पक्ष में प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने पर पूरी स्टैंप ड्यूटी माफ कर दी गई थी।

लेकिन असली दिक्कत तब आई जब इस नोटिफिकेशन का अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद हुआ। अंग्रेजी टेक्स्ट में व्यापक शब्द ‘Grandchildren’ लिखा था जिसका मतलब पोते और नाती दोनों होता है। मगर हिंदी के सरकारी आदेश में सिर्फ ‘पौत्र-पौत्री’ (बेटे के बच्चे) लिख दिया गया। इसी एक शब्द की गलती के कारण रजिस्ट्री दफ्तरों (Sub-Registrar Offices) में बैठे अधिकारी बेटी के बच्चों को इस छूट का फायदा देने से मना कर देते थे, जिससे टैक्स के नाम पर बेवजह के विवाद होते थे।

सरकार ने बदला नियम, अब गजट भी हुआ जारी

राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग ने इस भाषा संबंधी गड़बड़ी को ठीक करने के लिए एक औपचारिक सुधार पत्र (Corrigendum) जारी किया है, जिसे अब सरकारी गजट में भी प्रकाशित कर दिया गया है। नए संशोधन के बाद अब हिंदी नोटिफिकेशन में ‘पौत्र-पौत्री’ के साथ ‘दौहता-दोहती और नाती-नातिन’ शब्दों को साफ तौर पर जोड़ दिया गया है। इसके बाद अब बेटी की संतान को भी बेटे की संतान के ठीक बराबर का हक मिल गया है।

पिछली तारीख से लागू होगा नियम, खत्म होगी रजिस्ट्री की माथापच्ची

इस फैसले की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे 2014 के मूल आदेश के सुधार के तौर पर देखा जाएगा। यानी यह नियम पिछली तारीख (Retrospective Effect) से ही प्रभावी माना जाएगा। सरकार के इस कदम से राज्य के तमाम राजस्व दफ्तरों में चल रही कानूनी उलझनें खत्म हो जाएंगी और आम जनता बिना किसी बाबूगिरी या टैक्स विवाद के आसानी से अपने नाती-नातिन के नाम पर प्रॉपर्टी गिफ्ट या ट्रांसफर कर सकेगी।

Vipin Zaildar
लेखक के बारे में Vipin Zaildar

विपिन जैलदार 'विराट भारत न्यूज़' के मुख्य विशेष संवाददाता हैं। वे खोजी पत्रकारिता (Investigative Journalism), अपराध जगत (Crime Reporting), SOG एवं STF की विशेष कार्रवाइयों और हरियाणा व राजस्थान के क्षेत्रीय एवं जमीनी मुद्दों को गहराई से कवर करने में माहिर हैं। वे अपनी निडर और निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। View all posts by Vipin Zaildar →

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