Haryana News: राजस्थान के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी (Khatu Shyamji) से स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) की शाम को गायब हुए 20 महीने के मासूम बच्चे रौनक को पुलिस ने सुरक्षित ढूंढ निकाला है। बच्चे को पड़ोसी राज्य हरियाणा के बल्लभगढ़ से बरामद किया गया है। इस मामले में पुलिस ने मूल रूप से बिहार की रहने वाली पिंकी (30) नाम की महिला को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी महिला निःसंतान है और उसने सूनी गोद को भरने की चाह में इस गंभीर वारदात को अंजाम दे डाला।
बरेली का परिवार आया था दर्शन करने, पलक झपकते ही गायब हुआ जिगर का टुकड़ा
पीड़ित परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बरेली का रहने वाला है। वह 15 अगस्त को बाबा श्याम के दर्शन के लिए खाटूश्यामजी आया था। मंदिर क्षेत्र में भारी भीड़ के बीच अचानक उनका 20 महीने का बेटा रौनक उनसे बिछड़ गया। काफी तलाश करने के बाद भी जब बच्चा नहीं मिला तो बदहवास माता-पिता ने 16 अगस्त को खाटूश्यामजी थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया।
लाखों की भीड़ में सुराग ढूंढना था लोहे के चने चबाने जैसा
सीकर के एसपी प्रवीण नायक नूनावत ने बताया कि सावन और त्योहारों के सीजन के चलते खाटूश्यामजी में देश भर से लाखों श्रद्धालु आते हैं। इतनी भारी भीड़ में किसी अज्ञात संदिग्ध को ढूंढना पुलिस के लिए एक बेहद जटिल पहेली थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जयपुर रेंज के आईजीपी राहुल प्रकाश खुद एक्शन में आए और उनके निर्देश पर 100 पुलिसकर्मियों की फौज तैयार कर 6 अलग-अलग टीमें बनाई गईं।
500 सीसीटीवी कैमरे और ‘उस एक फुटेज’ ने खोल दिया राज
पुलिस टीमों ने खाटूश्यामजी कस्बे से लेकर हरियाणा के रास्तों तक बने होटल, धर्मशाला, गेस्ट हाउस और हाईवे के करीब 500 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इस मैराथन जांच के दौरान पुलिस को एक फुटेज मिली जिसमें एक महिला मासूम रौनक की उंगली पकड़कर उसे अपने साथ ले जाती हुई दिखी। पुलिस ने उस महिला का रूट और मोबाइल लोकेशन ट्रेस की तो उसकी आखिरी लोकेशन हरियाणा के फरीदाबाद/बल्लभगढ़ इलाके की आई।
4 साल से सूनी थी गोद, इसलिए उठाया यह खौफनाक कदम
लोकेशन मिलते ही राजस्थान पुलिस की टीम ने बल्लभगढ़ में दबिश देकर किराए के मकान में रह रही पिंकी को दबोच लिया और उसके चंगुल से बच्चे को बिल्कुल सुरक्षित छुड़ा लिया। शुरुआती पूछताछ में आरोपी महिला ने रोते हुए कुबूल किया कि उसकी शादी को 4 साल हो चुके हैं लेकिन उसका कोई बच्चा नहीं था। इसी अकेलेपन और सामाजिक ताने-बाने से तंग आकर उसने मंदिर में बच्चे को अकेले देख अगवा करने की योजना बनाई थी। हालांकि पुलिस अब इस बात की भी गहराई से जांच कर रही है कि महिला का इरादा सिर्फ बच्चे को पालना था या वह किसी बड़े बच्चा चोर गिरोह (Child Trafficking Gang) से जुड़ी हुई है।


