शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026

मुफ्त 5 लाख तक के इलाज वाली योजना पर आया नया अपडेट: हरियाणा सरकार ने बदली सालाना आय की सीमा, तुरंत चेक करें नई शर्तें

Written by: Saloni Yadav

Published:

हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान चिरायु योजना के लिए पात्रता नियमों को और कड़ा किया। फैमिली आईडी (PPP) में दर्ज वेरीफाइड इनकम के आधार पर ही अब एक्टिव रहेंगे कार्ड। जिन परिवारों की आय सीमा में बदलाव हुआ है, उनके कार्ड ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू। अस्पतालों में इलाज के दौरान बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को अब पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है।


मुफ्त 5 लाख तक के इलाज वाली योजना पर आया नया अपडेट: हरियाणा सरकार ने बदली सालाना आय की सीमा, तुरंत चेक करें नई शर्तें
मुफ्त 5 लाख तक के इलाज वाली योजना पर आया नया अपडेट: हरियाणा सरकार ने बदली सालाना आय की सीमा, तुरंत चेक करें नई शर्तें
Google News विराट भारत को गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें

पंचकुला/चंडीगढ़ (समाचार डेस्क): हरियाणा सरकार ने प्रदेश के लाखों परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने वाली आयुष्मान-चिरायु योजना के नियमों में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल कर दिया है।

विज्ञापन

यह कदम योजना में हो रही धांधली और अपात्र लोगों द्वारा उठाए जा रहे गलत फायदे को रोकने के लिए उठाया गया है। स्वास्थ्य विभाग के नए महानिदेशालय आदेश के मुताबिक अब आपकी फैमिली आईडी (परिवार पहचान पत्र) में दर्ज सालाना आय ही यह तय करेगी कि आपको 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा या नहीं। जिन लोगों ने अपनी आय छुपाकर कार्ड बनवाए थे, उनके लिए अब मुश्किलें खड़ी होने वाली हैं।

फैमिली आईडी की नई वेरिफिकेशन से कटेंगे लाखों नाम

विराट भारत की यूटिलिटी डेस्क प्रमुख सलोनी यादव की रिपोर्ट के अनुसार, इस नए नियम का सबसे बड़ा असर उन लोगों पर पड़ने वाला है जिनकी सालाना आय पिछले 1 साल के भीतर बढ़ गई है। विभाग ने आईटी सेल को निर्देश दिए हैं कि वे परिवार पहचान पत्र के डेटाबेस को सीधे आयुष्मान पोर्टल से सिंक करें।

विज्ञापन

ये भी पढ़ेंHaryana School Snake Advisory: हरियाणा के स्कूलों में सांप दिखने पर स्टाफ नहीं दिखाएगा बहादुरी, शिक्षा विभाग ने जारी की सख्त गाइडलाइन

यदि किसी परिवार की आय वेरिफिकेशन के दौरान 1 लाख 80 हजार रुपये या प्रीमियम श्रेणी के तहत 3 लाख रुपये से अधिक पाई जाती है, तो उनका चिरायु कार्ड तुरंत प्रभाव से सस्पेंड या ब्लॉक कर दिया जाएगा।

सरकार का लक्ष्य है कि इस छंटनी के जरिए केवल उन्हीं वास्तविक गरीब परिवारों को अस्पतालों में मुफ्त इलाज मिले, जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा ज़रूरत है। इसके लिए सभी जिलों के नागरिक अस्पतालों को भी डेटा री-वेरिफिकेशन की सूची भेज दी गई है।

ये भी पढ़ेंमॉनसून में क्यों बढ़ जाते हैं सांप काटने के मामले? जानें कारण, बचाव के तरीके और सांपों से जुड़े अनोखे तथ्य

इलाज के समय बायोमेट्रिक और आधार लिंकिंग हुआ अनिवार्य

अस्पतालों में फर्जी मरीजों के दाखिले और क्लेम के नाम पर होने वाले घोटालों को रोकने के लिए भी सरकार ने इस बार कड़ा सुरक्षा कवच तैयार किया है।

अब किसी भी निजी या सरकारी लिस्टेड अस्पताल में मरीज को दाखिल करते समय और छुट्टी (Discharge) देते समय, परिवार के मुख्य सदस्य या मरीज का लाइव बायोमेट्रिक (अंगूठे का निशान) अनिवार्य कर दिया गया है। यदि फिंगरप्रिंट मैच नहीं होता है तो अस्पताल उसका क्लेम फाइल नहीं कर पाएगा।

अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे सीएससी (CSC) केंद्रों पर जाकर अपने कार्ड की ई-केवाईसी (e-KYC) तुरंत पूरी करवा लें, ताकि आपातकाल के समय अस्पताल में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

ये भी पढ़ेंAgricultural Drone: खेती में ड्रोन करो इस्तेमाल: 10 मिनट में छिड़कें 1 एकड़ खेत पर दवा, सरकार दे रही है ₹10 लाख तक की बंपर सब्सिडी! जानिए कैसे करें अप्लाई

Saloni Yadav
About the Author Saloni Yadav

सलोनी यादव 'विराट भारत न्यूज़' में वरिष्ठ शिक्षा एवं जनहित मामलों की संपादक हैं। वे शिक्षा विभाग, प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC, SSC, REET, CET), केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और आम नागरिकों के दैनिक काम की खबरों का सटीक विश्लेषण करती हैं। उनका उद्देश्य छात्रों और आम जनता तक सही समय पर प्रामाणिक जानकारी पहुँचाना है। View all posts by Saloni Yadav →

मिलती-जुलती ख़बरें

Join Us