नूंह: हरियाणा के नूंह (मेवात) जिले के सबसे चर्चित और रोंगटे खड़े कर देने वाले हसीना हत्याकांड में आखिरकार ढाई महीने के लंबे इंतजार के बाद पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सीआईए (CIA) नूंह पुलिस ने हत्याकांड के मुख्य आरोपी और मृतका के पति रफीक उर्फ रफ़ी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया जहां से उसे वारदात की कड़ियों को जोड़ने के लिए 17 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। इस सनसनीखेज मामले में मृतका के भाई ने जो खुलासे किए हैं उसने पुलिस तफ्तीश की दिशा बदल दी है।
लापता होने का नाटक और कुएं में खौफनाक अंत
सदर थाना क्षेत्र के देवला नंगली गांव निवासी रफीक ने सिंगार गांव की रहने वाली हसीना से दूसरी शादी की थी। यह पूरा मामला किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसा नजर आता है। हसीना बीते 18 अप्रैल 2026 को अचानक रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गई थी।
शातिर पति रफीक ने खुद को बेकसूर दिखाने के लिए पुलिस में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई, जिस पर 24 अप्रैल को केस दर्ज हुआ।
सस्पेंस से पर्दा तब उठा, जब 28 अप्रैल को गांव के ही खेतों में बने एक सुनसान कुएं से हसीना की सड़ी-गली लाश बरामद हुई। कातिलों ने क्रूरता की हदें पार करते हुए शव को भारी पत्थरों से बांधकर कुएं में फेंका था ताकि वह कभी ऊपर न आ सके।
खूबसूरती का इस्तेमाल और हत्या की गहरी साजिश
हसीना के भाई शकील ने पुलिस के सामने अपने जीजा रफीक को लेकर बेहद चौंकाने वाले और संगीन दावे किए हैं। शकील के अनुसार रफीक अपनी पत्नी हसीना की सुंदरता का इस्तेमाल हाईवे पर गाड़ियां लूटने और अन्य आपराधिक वारदातों को अंजाम देने के लिए एक हनीट्रैप और चारे के रूप में करता था।
जब हसीना ने पति के इन काले कारनामों को समझने के बाद इस घिनौने काम का विरोध करना शुरू किया तो रास्ते से हटाने के लिए उसकी हत्या की यह खौफनाक साजिश रची गई। भाई की शिकायत पर पुलिस ने पति रफीक सहित 7 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
रिमांड में उगलेगा राज, हथियार और कार बरामद
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न होने से हसीना के परिजन लगातार नूंह के पुलिस अधीक्षक (SP) से मिलकर इंसाफ की गुहार लगा रहे थे। चौतरफा दबाव के बाद सक्रिय हुई सीआईए टीम ने जाल बिछाकर मुख्य आरोपी को दबोच लिया।
पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार ने आधिकारिक बयान में बताया कि शुरुआती रिमांड के दौरान आरोपी की निशानदेही पर हत्या की वारदात में इस्तेमाल की गई अर्टिगा कार, एक अवैध देसी कट्टा, एक खाली और एक जिंदा कारतूस बरामद कर लिया गया है।
पुलिस अब रिमांड के दौरान पूछताछ कर रही है कि कुएं तक लाश ले जाने में और किन-किन सह-आरोपियों ने रफीक का साथ दिया था।