मंगलवार, 25 अगस्त 2026

‘ये बीमार लोग हैं, कोई डील नहीं करनी’ – ईरान पर बुरी तरह भड़के डोनाल्ड ट्रंप, वैश्विक संकट के बीच खुफिया एजेंसियां हाई-अलर्ट पर

Written by: Priyanshi Rao

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर खत्म घोषित किया। ट्रंप के बयान के बाद भारतीय शेयर बाजार का सेंसेक्स 1,677 अंक क्रैश हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) के दाम 4% से अधिक बढ़े। होरमुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हमलों के बाद भड़का नया सैन्य विवाद।


नई दिल्ली/वॉशिंगटन (समाचार डेस्क): पश्चिम एशिया से आ रही आज की सबसे डराने वाली और बड़ी खबर ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार 8 जुलाई 2026 की शाम आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा है कि ईरान के साथ चल रहा सीजफायर अब पूरी तरह “खत्म” हो चुका है। 

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ट्रंप ने साफ तौर पर कहा कि ईरान द्वारा लगातार किए जा रहे उकसावे वाले हमलों के बाद अब अमेरिका के पास जवाबी कार्रवाई के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। इस बयान के सामने आते ही वैश्विक बाजारों में हाहाकार मच गया है।

होरमुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले के बाद बढ़ा सैन्य तनाव

रिपोर्ट के अनुसार इस नए और भीषण विवाद की शुरुआत तब हुई जब ईरान समर्थित बलों ने सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजर रहे तीन वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया। 

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इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने भी दक्षिणी ईरान के कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कड़े शब्दों में मीडिया से कहा, “ये बीमार लोग हैं और मैं इनके साथ अब कोई डील नहीं करने जा रहा हूँ।” ट्रंप ने यहाँ तक संकेत दे दिए हैं कि आज रात अमेरिकी सेना दोबारा बड़े हमलों को अंजाम दे सकती है।

भारतीय शेयर बाजार लहूलुहान, महज 20 मिनट में साफ हुए करोड़ों रुपये

इस अंतरराष्ट्रीय युद्ध जैसी स्थिति का सीधा और बहुत ही घातक असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला है। Google Finance / Google News के लाइव आंकड़ों के अनुसार बुधवार को कारोबार के आखिरी घंटों में जैसे ही ट्रंप का बयान फ्लैश हुआ, बाजार में भयंकर बिकवाली (Global Selloff) शुरू हो गई। 

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स अचानक 1,677 अंक से ज़्यादा टूटकर 76,504 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया, जिससे भारतीय निवेशकों को तगड़ा आर्थिक झटका लगा है।

कच्चे तेल की कीमतों में 4% का भारी उछाल, भारत में पेट्रोल-डीजल पर पड़ेगा असर?

इस ताज़ा भू-राजनीतिक संकट (Geopolitical Risk) के कारण ऊर्जा बाजार में भी भारी अस्थिरता आ गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) की कीमतें 4 प्रतिशत से अधिक उछलकर 77 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गई हैं। 

भारत अपनी तेल जरूरतों का 80% से अधिक हिस्सा आयात करता है ऐसे में कच्चे तेल की यह बढ़ोतरी घरेलू बाजार में भी पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों पर भारी दबाव बनाएगी। हालांकि Ministry of Petroleum and Natural Gas के सूत्रों के अनुसार फिलहाल घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई तुरंत बदलाव नहीं किया जा रहा है।

Priyanshi Rao
लेखक के बारे में Priyanshi Rao

प्रियांशी यादव 'विराट भारत न्यूज़' में वरिष्ठ राजनीति एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों की विश्लेषक हैं। वे राष्ट्रीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों, संसदीय कार्यवाहियों और वैश्विक कूटनीति पर पैनी नज़र रखती हैं। उनके विश्लेषणात्मक लेख पाठकों को जटिल राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों की सरल समझ प्रदान करते हैं। View all posts by Priyanshi Rao →

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