मंगलवार, 18 अगस्त 2026

महिला सुपरवाइजर भर्ती परीक्षा धांधली: लीक पेपर पढ़कर पास हुई थी ‘गुरुजी’ की पत्नी, 6 जुलाई तक रिमांड पर

Written by: Vipin Zaildar

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SOG के एडीजी विशाल बंसल ने महिला सुपरवाइजर भर्ती-2019 धांधली में सरस्वती की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। आरोपी सरस्वती ने परीक्षा तो पास कर ली थी, लेकिन वेटिंग लिस्ट क्लियर न होने से उसका अंतिम चयन नहीं हो पाया था। वर्तमान में वह सेकंड ग्रेड शिक्षिका के पद पर कार्यरत है और कोर्ट ने उसे 6 जुलाई तक SOG रिमांड पर भेजा है। सरस्वती ने अपने आवेदन फॉर्म में पेपर लीक के सह-आरोपी यूनिक भांभू के जयपुर स्थित फ्लैट का पता दर्ज किया था।


Rajasthan News: राजस्थान में प्रतियोगिता परीक्षाओं की शुचिता भंग करने वाले नकल माफियाओं के खिलाफ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बड़ी सफलता मिली है। राजस्थान पुलिस की विशेष शाखा SOG (Special Operations Group) ने रविवार, 5 जुलाई 2026 को महिला सुपरवाइजर भर्ती परीक्षा-2019 के प्रश्नपत्र लीक मामले में मुख्य आरोपी और पेपर लीक के मास्टरमाइंड जगदीश विश्नोई की पत्नी सरस्वती को गिरफ्तार कर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद कोर्ट ने आरोपी महिला को गहन पूछताछ के लिए 6 जुलाई तक SOG की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है।

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SOG के अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) विशाल बंसल द्वारा मीडिया को दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जांच में यह पुख्ता सबूत मिले हैं कि सरस्वती ने परीक्षा से पहले ही लीक हुए प्रश्नपत्र को हासिल कर लिया था और उसे अच्छी तरह पढ़कर परीक्षा केंद्र पहुंची थी। 

चौंकाने वाली बात यह है कि लीक पेपर की मदद से उसने इस बेहद कड़े मुकाबले वाली परीक्षा को पास भी कर लिया था लेकिन अंतिम रूप से वेटिंग लिस्ट (प्रतीक्षा सूची) क्लियर नहीं होने की वजह से वह महिला सुपरवाइजर के पद पर नियुक्त होने से चूक गई थी। हालांकि जांच में यह भी सामने आया है कि वह वर्तमान में शिक्षा विभाग में सेकंड ग्रेड टीचर (द्वितीय श्रेणी शिक्षिका) के पद पर तैनात है।

इस पूरे सिंडिकेट की गहराई से पड़ताल कर रही SOG की टीम के सामने एक और हैरान करने वाला तकनीकी सबूत आया है। सरस्वती ने जब महिला सुपरवाइजर पद के लिए अपना ऑनलाइन आवेदन पत्र जमा किया था, तो उसमें अपना स्थायी या पत्राचार का पता जयपुर के ग्रीन कॉलोनी स्थित एक फ्लैट का दर्शाया था। 

जांच अधिकारियों के होश तब उड़ गए जब यह साफ हुआ कि यह वही फ्लैट है जो सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले के एक अन्य मुख्य आरोपी यूनिक भांभू का ठिकाना था। SOG अब इस बात की कड़ाई से तफ्तीश कर रही है कि आवेदन में यह पता सिर्फ एक इत्तेफाक था या इसके पीछे नकल माफियाओं की कोई बहुत बड़ी संगठित साजिश छिपी हुई थी।

महिला सुपरवाइजर भर्ती-2019 शुरुआत से ही SOG के निशाने पर रही है। इससे पहले इसी परीक्षा में हाई-टेक ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए बड़े पैमाने पर नकल कराने के गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने कुख्यात नकल माफिया तुलसाराम कालेर और पौरव कालेर सहित कुल 8 आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा था। 

अब इस मामले में ब्लूटूथ के बाद सीधे पेपर लीक का नया कोण सामने आया है। SOG के खुफिया सूत्रों के मुताबिक, सिर्फ जगदीश विश्नोई ही नहीं, बल्कि इस गिरोह से जुड़े अन्य बड़े चेहरों जैसे शिवरतन मोट और यूनिक भांभू की पत्नियों ने भी इसी सुपरवाइजर भर्ती परीक्षा में भाग्य आजमाया था, जिनकी भूमिका की भी अब बारीकी से स्क्रूटनी की जा रही है।

Vipin Zaildar
लेखक के बारे में Vipin Zaildar

विपिन जैलदार 'विराट भारत न्यूज़' के मुख्य विशेष संवाददाता हैं। वे खोजी पत्रकारिता (Investigative Journalism), अपराध जगत (Crime Reporting), SOG एवं STF की विशेष कार्रवाइयों और हरियाणा व राजस्थान के क्षेत्रीय एवं जमीनी मुद्दों को गहराई से कवर करने में माहिर हैं। वे अपनी निडर और निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। View all posts by Vipin Zaildar →

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