देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। शादी के नाम पर कुंवारे युवकों से लाखों रुपये ऐंठने और फिर फर्जी शादी कराकर जेवरात लेकर रफूचक्कर होने वाले एक संगठित ‘लुटेरी दुल्हन’ और बिचौलियों के गिरोह का भांडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड समेत महिला और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस रैकेट की जड़ें केवल पूर्वांचल (देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर) तक ही सीमित नहीं थीं, बल्कि इसका नेटवर्क हरियाणा और राजस्थान के उन क्षेत्रों तक फैला हुआ था जहां लिंगानुपात की समस्या के कारण युवकों की शादियां आसानी से नहीं हो पाती हैं।
कैसे काम करता था यह अंतरराज्यीय सिंडिकेट?
पुलिस की तफ्तीश में सामने आई जानकारी के मुताबिक, यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से अपना जाल बिछाता था:
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टारगेट की पहचान: गिरोह के सदस्य हरियाणा और पश्चिमी यूपी के उन संपन्न या शादी के लिए परेशान परिवारों की तलाश करते थे, जिनके बेटों की उम्र ढल रही होती थी।
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सौदा तय करना: बिचौलिए दुल्हन पक्ष का ‘गरीब’ होना बताकर शादी का पूरा खर्च (1.5 लाख से 3 लाख रुपये तक) कैश में ऐंठते थे।
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नकली रिश्तेदार और कोर्ट मैरिज का नाटक: फर्जी आधार कार्ड और कागजात बनाकर मंदिर या नोटरी के जरिए शादी कराई जाती थी। शादी में गिरोह के ही सदस्य रिश्तेदार बनकर शामिल होते थे।
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फरार होने की रणनीति: शादी के 10 से 15 दिनों के भीतर ‘लुटेरी दुल्हन’ मौका देखकर घर में रखे सोने-चांदी के जेवर और नकदी समेटकर रात के अंधेरे में फरार हो जाती थी।
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस का एक्शन और कानूनी कार्रवाई
हरियाणा के एक पीड़ित युवक की शिकायत और स्थानीय मुखबिर की सटीक सूचना पर देवरिया पुलिस ने जाल बिछाकर गिरोह के तीन प्रमुख सदस्यों को धर दबोचा। आरोपियों के कब्जे से ठगी के रुपये, फर्जी पहचान पत्र, स्टांप पेपर और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने पकड़े गए अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धोखाधड़ी (Section 318), जालसाजी (Section 336), संगठित अपराध और आपराधिक षड्यंत्र रचने की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है।
पुलिस अब गिरोह के बैंक खातों और पिछले 1 साल में कराई गई अन्य संदिग्ध शादियों का रिकॉर्ड खंगाल रही है, ताकि हरियाणा और राजस्थान में ठगी का शिकार हुए अन्य पीड़ितों को भी राहत दिलाई जा सके।
सावधान! ‘मैरिज फ्रॉड’ से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
अगर आपके आसपास या जान-पहचान में कोई बिना किसी पारिवारिक पृष्ठभूमि की जांच किए जल्दीबाजी में शादी का सौदा कर रहा है तो सतर्क रहें और जो भी आपका बिचौलिया है उसकी अच्छे से जांच करे। केवल पैसों के बदले शादी तय कराने वाले अज्ञात बिचौलियों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
शादी से पहले दुल्हन और उसके परिवार के आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र का स्थानीय थाने या आधिकारिक स्तर पर सत्यापन (Verification) जरूर कराएं। किसी भी तरह की आर्थिक ठगी या संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत 112 (आपातकालीन नंबर) या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।




