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अगले 48 घंटे बेहद भारी: दिल्ली-मुंबई सहित इन बड़े शहरों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी, जाने आपके शहर का हाल

नई दिल्ली/मुंबई (मौसम डेस्क): देश के एक बड़े हिस्से में मानसून अब आम जनता के लिए आफत का सबब बनता जा रहा है। दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों सहित देश के कई बड़े शहरों में पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। 

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए देश के 17 राज्यों में अत्यधिक भारी बारिश, वज्रपात और 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का कड़ा रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में 11 जुलाई तक आफत, आज रेड अलर्ट

मौसम विभाग से मिली रिपोर्ट के अनुसार राजधानी दिल्ली और उससे सटे इलाकों में पिछले 24 घंटों से लगातार रुक-रुक कर झमाझम बारिश हो रही है, जिससे कई इलाकों में जलभराव और भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई है। IMD Official Delhi Weather Update के मुताबिक आज 9 जुलाई को दिल्ली के कई हिस्सों के लिए रेड और येलो अलर्ट जारी किया गया है। 

यह सिलसिला यहीं नहीं थमेगा बल्कि 10 और 11 जुलाई को भी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, आगरा और अयोध्या समेत यूपी के तमाम जिलों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की आंधी के साथ भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

बिहार में 65 किमी की तूफानी हवाएं, राजस्थान में 11 जुलाई के बाद राहत

पूर्वी भारत के राज्य बिहार में भी मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। पटना, भागलपुर, बेगूसराय, मधुबनी और वैशाली जैसे प्रमुख जिलों में कड़कती बिजली के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है जहाँ हवाओं की रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटे के रिकॉर्ड स्तर को छू सकती है। 

दूसरी तरफ मरुधरा यानी राजस्थान के किसानों और आम लोगों के लिए राहत की बात यह है कि अगले 2 से 3 दिनों तक तो पूरे प्रदेश में अच्छी मानसूनी बारिश दर्ज की जाएगी लेकिन आगामी 11 जुलाई के बाद से मरुभूमि में बारिश की रफ्तार थोड़ी कम होने के आसार जताए गए हैं।

महाराष्ट्र में हाहाकार, असम और उत्तराखंड के पहाड़ों में मंडराया भूस्खलन का खतरा

इस मानसूनी सीजन में सबसे ज्यादा तबाही महाराष्ट्र में देखने को मिली है जहाँ उफनती नदियों, अचानक आई बाढ़ और इमारतें गिरने के हादसों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। 

आपदा प्रबंधन विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 1 जून से अब तक राज्य में बारिश से जुड़े हादसों में 62 नागरिकों और 200 से अधिक मवेशियों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। 

उत्तराखंड के पहाड़ी अंचलों में ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए जिला प्रशासनों ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को नदी-नालों तथा भूस्खलन (Landslides) वाले संवेदनशील रास्तों से पूरी तरह दूर रहने की कड़ी हिदायत दी है। 

इसके अलावा असम के उत्तर-पूर्वी जिलों और तमिलनाडु के पश्चिमी घाट से सटे इलाकों में भी अगले 2 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है।

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