Haryana News: भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और पर्यावरण अनुकूल (Eco-Friendly) परिवहन व्यवस्था की दिशा में हरियाणा एक नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है। सूबे के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने देश की महत्वाकांक्षी हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना को लेकर बड़ा बयान देते हुए इसे 'संकल्प से सिद्धि' की यात्रा का एक जीवंत उदाहरण बताया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत का जो रोडमैप तैयार किया गया था, यह ट्रेन उसी आधुनिक तकनीक, हरित ऊर्जा (Green Energy) और आत्मनिर्भरता का एक ठोस प्रमाण है।
जींद से शुरू होगा देश का पहला हाइड्रोजन रेल प्रकल्प
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, देश के पहले हाइड्रोजन ट्रेन रूट का मुख्य केंद्र बिंदु हरियाणा का जींद जिला बनने जा रहा है। इस ऐतिहासिक परियोजना पर बात करते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि जींद से जुड़ा यह महत्वपूर्ण प्रकल्प पूरे हरियाणा के लिए गौरव का विषय है। यह ट्रेन केवल पटरियों पर दौड़ने वाला परिवहन का नया माध्यम भर नहीं है, बल्कि यह भारत की स्वदेशी क्षमता और वैश्विक स्तर पर बदलती तकनीक का एक सशक्त प्रतीक है। यह कदम सीधे तौर पर प्रदेश को अत्याधुनिक रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के नक्शे पर सबसे आगे खड़ा कर देगा।
पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए गेम-चेंजर
तकनीकी और आर्थिक पहलुओं को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने वाली यह अभूतपूर्व पहल देश में पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और आर्थिक समृद्धि के नए द्वार खोलने जा रही है।
- शून्य कार्बन उत्सर्जन: हाइड्रोजन ईंधन से चलने के कारण इस ट्रेन से कार्बन उत्सर्जन पूरी तरह शून्य होगा, जो प्रदूषण के खिलाफ जंग में मील का पत्थर साबित होगा।
- क्षेत्रीय विकास की गति: इस अत्याधुनिक रेल तकनीक के आने से जींद और उसके आसपास के ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास होगा।
- रोजगार के अवसर: नई तकनीक के संचालन, रखरखाव और सहायक उद्योगों के कारण स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को एक नई और स्थायी गति मिलेगी।
भविष्य की तकनीकों का उत्पादक बन रहा है भारत
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वैश्विक स्तर पर भारत की बदलती छवि का जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार केंद्र के 'विकसित भारत' विजन को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हाइड्रोजन ट्रेन इस बात की गवाह है कि भारत अब दुनिया में केवल भविष्य की तकनीकों का खरीदार या उपभोक्ता (Consumer) नहीं रह गया है बल्कि उन्हें खुद विकसित करने और वैश्विक मंच पर नेतृत्व करने वाला अग्रणी राष्ट्र बनकर उभर रहा है। यह स्वदेशी और नवीन संकल्प देश की प्रगति का सबसे मजबूत आधार बनेगा।