झारखंड के गिरिडीह जिले से साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के खिलाफ एक बहुत बड़ी सफलता सामने आई है। गिरिडीह पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए फर्जी एपीके (APK) फाइल के जरिए लोगों के मोबाइल फोन हैक कर ठगी करने वाले एक शातिर साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। ये ठग व्हाट्सएप पर गैस बिल अपडेट कराने का झांसा देकर संदिग्ध फाइल डाउनलोड करवाते थे और चंद पलों में लोगों के खातों से पैसे उड़ा लेते थे। पुलिस ने गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
साइबर अपराधियों की बढ़ती गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह बड़ी कामयाबी हासिल हुई है।
मुफ्फसिल थाना क्षेत्र से पकड़े गए आरोपी
घटना के संबंध में जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. बिमल कुमार को एक गुप्त सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया था कि मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के तेलोडीह गांव के पास मनियामारी जाने वाली सड़क के किनारे कुछ साइबर अपराधी जुटकर बड़ी ठगी की योजना बना रहे हैं।
एसपी के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर थाना प्रभारी रामेश्वर भगत के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल (SIT) का गठन किया गया। पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए बताए गए ठिकाने पर दबिश दी और मौके से ही दो साइबर ठगों को रंगे हाथों धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस हिरासत में आए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
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संतोष मंडल (उम्र 23 वर्ष): निवासी- चिकसोरिया, थाना- अहिल्यापुर, गिरिडीह।
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छोटू कुमार मंडल (उम्र 20 वर्ष): निवासी- बेहरवाटाड़, थाना- बिरनी, गिरिडीह।
फर्जी ‘गैस बिल APK’ के जरिए ऐसे रचते थे जाल
पूछताछ के दौरान दोनों साइबर अपराधियों ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उन्होंने बताया कि वे फर्जी सिम कार्ड का सहारा लेकर व्हाट्सएप के जरिए लोगों को निशाना बनाते थे। वे आम लोगों को विश्वास में लेने के लिए ‘gas bill update.apk’, ‘gas 2 admin apk’ और ‘mngl gas bill update.apk’ जैसे नामों से फर्जी और खतरनाक एपीके (APK) फाइलें भेजते थे।
झांसे में आकर जैसे ही कोई व्यक्ति अपने मोबाइल में इस फाइल को इंस्टॉल करता था, वैसे ही उसका पूरा फोन हैक हो जाता था। इसके बाद आरोपी उसकी निजी वित्तीय जानकारी हासिल कर बैंक खातों से पैसे साफ कर देते थे।
5 मोबाइल और 5 सिम कार्ड जब्त, मुख्य आरोपी का रहा है पुराना आपराधिक इतिहास
मामले की पूरी जानकारी देते हुए साइबर डीएसपी आर. के. राणा ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ साइबर थाना कांड संख्या 24/2026, दिनांक 7 अगस्त 2026 के तहत कानूनी मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 5 मोबाइल फोन और 5 एक्टिवेटेड फर्जी सिम कार्ड बरामद किए हैं।
डीएसपी ने खुलासा किया कि गिरफ्तार आरोपी संतोष मंडल एक कुख्यात और अभ्यस्त साइबर अपराधी है। उसका पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है। वह इससे पहले भी गिरिडीह के साइबर थाना कांड संख्या 35/2019 और कांड संख्या 15/2025 में जेल जा चुका है।
पुलिस की आम जनता से अपील और अलर्ट
साइबर डीएसपी आर. के. राणा ने आम जनता को सचेत करते हुए अपील की है कि:
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किसी भी अनजान नंबर या संदिग्ध स्रोत से प्राप्त होने वाली किसी भी APK फाइल या लिंक को भूलकर भी अपने मोबाइल में डाउनलोड न करें।
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कोई भी गैस एजेंसी या बैंक कभी भी व्हाट्सएप पर इस तरह की फाइल भेजकर बिल अपडेट करने को नहीं कहता।
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यदि किसी के साथ इस प्रकार की साइबर ठगी होती है या कोई संदिग्ध मैसेज आता है, तो तुरंत नजदीकी साइबर थाने या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर पर इसकी शिकायत दर्ज कराएं।
इस सफल छापेमारी दल में साइबर थाना प्रभारी रामेश्वर भगत, पुलिस अधिकारी गुंजन कुमार, पुनित गौतम, सहायक अवर निरीक्षक गजेंद्र कुमार, सहायक आरक्षी अभिमन्यु कुमार तथा पुलिस लाइन के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी इसी सख्ती से जारी रहेगा।




