झज्जर। सरकारी दफ्तरों की टेबल दर टेबल भटकने को मजबूर आम जनता के लिए जिला प्रशासन की जनसुनवाई व्यवस्था अब सीधे असर दिखाने लगी है। सोमवार को लघु सचिवालय सभागार में आयोजित समाधान शिविर (Samadhan Shivir) में प्रशासनिक अमले ने न केवल नागरिकों की समस्याएं सुनीं, बल्कि कई पेचीदा मामलों का मौके पर ही निपटारा कराया। इस दौरान उपायुक्त (DC) वर्षा खांगवाल ने सख्त रुख अपनाते हुए विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट किया कि शिकायतों को रजिस्टर में नोट करके भूल जाना स्वीकार नहीं होगा; हर पेंडिंग केस की नियमित मॉनिटरिंग (Regular Monitoring) होनी चाहिए।
दफ्तरों के चक्करों से राहत, एक ही मंच पर पूरा अमला
अक्सर देखा जाता है कि पेंशन बनवानी हो या राशन कार्ड से जुड़ी दिक्कत, जनता को कई विभागों के बीच जूझना पड़ता है। समाधान शिविर का मुख्य ढांचा इसी दूरी को मिटाने के लिए तैयार किया गया है। डीसी ने कहा कि प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को आयोजित होने वाले इन शिविरों में सभी विभागों के नोडल अधिकारी मौजूद रहते हैं, जिससे अंतर-विभागीय समन्वय (Inter-Departmental Coordination) आसान हो जाता है और फाइलें अटकने की गुंजाइश खत्म होती है।
पीपीपी, आयुष्मान और पुलिस मामलों की भरमार
शिविर के दौरान सबसे अधिक मामले परिवार पहचान पत्र (Family ID/PPP), आयुष्मान भारत कार्ड और सामाजिक सुरक्षा पेंशन (Social Security Pension) की विसंगतियों से जुड़े रहे। इसके अलावा जमीन-जायदाद और पुलिस मामलों की शिकायतें भी डीसी के समक्ष रखी गईं। कई मामलों में तकनीकी त्रुटियों को मौके पर ही दुरुस्त कराने के आदेश दिए गए।
प्रशासनिक प्रमुख ने अंत्योदय (Antyodaya) की भावना को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक बिना किसी अड़चन के सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। इस जनसुनवाई में अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) जगनिवास, डीआरओ मनवीर सिंह, डीडीपीओ निशा तंवर, डीईओ रतिंद्र सिंह और बिजली निगम से एक्सईएन (XEN) प्रदीप कुमार बूरा सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।








