जींद: हरियाणा के जींद जिले की अनाज मंडियों में धान खरीद सीजन अपने पूरे उफान पर है। जिले की विभिन्न मंडियों में अब तक 70,019 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है। मंडियों में किसानों की भीड़ और बढ़ती आवक को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। उपायुक्त (DC) डॉ. वैशाली शर्मा ने व्यवस्थाओं की कमान संभालते हुए अधिकारियों को दो-टूक निर्देश दिए हैं कि किसानों को फसल बेचने और भुगतान प्रक्रिया में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
नरवाना मंडी में सबसे ज्यादा आवक, उचाना भी आगे
मंडीवार आंकड़ों पर नजर डालें तो नरवाना अनाज मंडी ने खरीद के मामले में सबको पीछे छोड़ दिया है। नरवाना में अब तक सर्वाधिक 32,100 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। इसके अलावा ओल्ड ग्रेन मार्केट उचाना (Old Grain Market Uchana) में 13,110 मीट्रिक टन और सफीदों मंडी में 5,147 मीट्रिक टन की खरीद दर्ज की गई है। अन्य मंडियों जैसे धमतान (4,029 मीट्रिक टन), अलेवा (3,509 मीट्रिक टन), पिल्लूखेड़ा (3,158 मीट्रिक टन) और गढ़ी में भी खरीद की रफ्तार स्थिर बनी हुई है।
सरकारी एजेंसियों का गणित
जिले में खरीद एजेंसियों (Procurement Agencies) ने अपना नेटवर्क सक्रिय कर रखा है। अब तक हुई कुल खरीद में अकेले खाद्य एवं आपूर्ति विभाग (Food and Civil Supplies Department) ने 51,163 मीट्रिक टन की सबसे बड़ी हिस्सेदारी निभाई है। वहीं, हरियाणा वेयरहाउस कॉरपोरेशन (Haryana Warehousing Corporation) द्वारा 11,517 मीट्रिक टन और हैफेड (HAFED) द्वारा 7,339 मीट्रिक टन धान की खरीद पूरी की जा चुकी है।
उठान में देरी पर सख्ती, किसानों को नमी का ध्यान रखने की सलाह
मंडियों में फसल के भारी ढेर लगने से किसानों को अगली खेप उतारने में दिक्कत न आए, इसके लिए डीसी ने खरीद एजेंसियों को साफ निर्देश दिए हैं कि खरीद के साथ ही उठान (Lifting) का कार्य समानांतर रूप से चलना चाहिए। उठान सुचारू रहने से मंडियों में पर्याप्त स्पेस (Space) बना रहेगा। इसके साथ ही, प्रशासन ने किसानों से अनुरोध किया है कि वे धान को अच्छी तरह सुखाकर और निर्धारित नमी मानकों (Moisture Norms) के अनुसार ही मंडियों में लाएं, ताकि गेट पास से लेकर तुलाई और अंतिम बिक्री तक की प्रक्रिया में बेवजह समय बर्बाद न हो।








