हरियाणा

भिवानी के बवानीखेड़ा में ‘हत्या के बदले हत्या’: अस्पताल के बाहर बलजीत को मौत के घाट उतारा, साथी की हालत नाजुक!

भिवानी/चंडीगढ़ (क्राइम डेस्क): हरियाणा के भिवानी जिले के बवानीखेड़ा कस्बे में कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए ‘हत्या के बदले हत्या’ का एक रूह कंपा देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है. बीती रात बवानीखेड़ा के सरकारी अस्पताल के ठीक बाहर घात लगाए बैठे कुछ हमलावरों ने सरेआम दो युवकों पर जानलेवा हमला कर दिया. 

इस अंधाधुंध हमले में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा जिंदगी और मौत के बीच अस्पताल में जंग लड़ रहा है. इस खूनी वारदात के बाद से ही पूरे इलाके में भारी तनाव का माहौल बना हुआ है.

अस्पताल में भाभी से मिलने आए थे दोनों युवक, रास्ते में घेरा

विराट भारत के मुख्य राज्य संवाददाता विपिन जैलदार की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, बवानीखेड़ा के वार्ड नंबर 10 का रहने वाला बलजीत और उसका साथी मोनू रात के समय स्थानीय अस्पताल में दाखिल अपनी बीमार भाभी का हालचाल जानने आए थे. जैसे ही दोनों अस्पताल के बाहर पहुंचे, वहां पहले से ही छुपे हुए 4-5 हमलावरों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया. 

हमलावरों के हाथों में लाठी, डंडे, तेज धार वाली छुरियां और लोहे की रॉड थीं, जिससे उन्होंने बलजीत और मोनू पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए. दोनों को तब तक बेरहमी से पीटा गया जब तक कि वे खून से लथपथ होकर जमीन पर नहीं गिर गए.

परिजनों का पुलिस पर गंभीर आरोप, मूकदर्शक बना रहा अमला

इस पूरी वारदात में पीड़ित परिवार और चश्मदीदों ने स्थानीय प्रशासन पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं. परिजनों का कहना है कि जब यह खूनी खेल खेला जा रहा था, तब वहां मौजूद पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग मूकदर्शक बनकर खड़े तमाशा देखते रहे. किसी ने भी हमलावरों को रोकने या घायल युवकों को बचाने की जहमत नहीं उठाई. 

आखिरकार परिजन खुद दोनों को गंभीर हालत में भिवानी के नागरिक अस्पताल लेकर आए, जहां डॉक्टरों ने बलजीत को मृत घोषित कर दिया, जबकि मोनू का इलाज गंभीर स्थिति में चल रहा है. स्थानीय युवक राहुल के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति और समझौता होने की बात चल रही थी, लेकिन इसके बावजूद इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया गया.

साल 2020 के होली हत्याकांड से जुड़े हैं तार, डीएसपी का बड़ा बयान

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे. डीएसपी दलीप सिंह ने बताया कि मारे गए बलजीत और घायल मोनू का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है. ये दोनों साल 2020 में होली के त्योहार के दिन एक महिला और एक पुरुष की बेरहमी से हत्या करने के जुर्म में कोर्ट से 20-20 साल की कड़क सजा काट रहे थे.

हाल ही में दोनों जेल से पैरोल (बेल) पर बाहर आए थे. डीएसपी के अनुसार, जिन लोगों पर अब बलजीत की हत्या का आरोप लगा है, वे उसी पुराने मृतक पक्ष के लोग हैं, जिनका बदला लेने के लिए यह पूरा ताना-बाना बुना गया. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और हमलावरों की धरपकड़ के लिए सीआईए (CIA) की कई टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं.

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