केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्ष का निरंतर नेतृत्व पूरा करने पर उन्हें बधाई देने वाला प्रस्ताव पारित किया है। प्रस्ताव में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल से लेकर प्रधानमंत्री के तौर पर अब तक की यात्रा और विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों का उल्लेख किया गया है।

प्रस्ताव में कहा गया है कि मोदी के नेतृत्व में गुजरात में शुरू की गई कुछ पहलों को बाद में राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया गया। इनमें नागरिकों की शिकायतों के समाधान से जुड़ी स्वागत पहल और परियोजनाओं की समीक्षा के लिए प्रगति व्यवस्था का उल्लेख किया गया है। कृषि क्षेत्र में ज्योतिग्राम योजना को भी इसी कड़ी में रखा गया है।

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योजनाओं और सामाजिक क्षेत्र के काम का उल्लेख

मंत्रिमंडल के प्रस्ताव में गरीबी उन्मूलन, आवास, बैंकिंग और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की प्रमुख प्राथमिकताओं के तौर पर गिनाया गया है। प्रस्ताव के अनुसार, करीब 60 करोड़ जन धन खाते खोले गए और 4 करोड़ से अधिक घर उपलब्ध कराए गए। इसमें 25 करोड़ लोगों के गरीबी से बाहर निकलने का भी उल्लेख है।

महिलाओं के संदर्भ में प्रस्ताव में करीब 3.5 करोड़ महिलाओं के लखपति दीदी बनने और नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत महिलाओं के लिए आरक्षण के प्रावधान का जिक्र किया गया है। युवाओं के लिए स्टार्टअप, कौशल विकास और शिक्षा से जुड़े सुधारों को भी इसमें शामिल किया गया है।

कृषि क्षेत्र में पीएम-किसान योजना के तहत 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक के हस्तांतरण और विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूहों के लिए पीएम-जनमन योजना का भी प्रस्ताव में उल्लेख है।

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आर्थिक सुधार और बुनियादी ढांचे पर जोर

प्रस्ताव में जीएसटी, कल्याणकारी योजनाओं के वितरण में सुधार और पुराने औपनिवेशिक कानूनों को बदलने जैसे फैसलों को प्रमुख सुधारों में शामिल किया गया है।

सरकार के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सार्वजनिक पूंजीगत व्यय 2 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हुआ। राजमार्गों के विस्तार और रेलवे के विद्युतीकरण का भी प्रस्ताव में उल्लेख किया गया है।

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इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन के करीब 2 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 13 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का दावा भी प्रस्ताव में किया गया है। रक्षा उत्पादन और सेमीकंडक्टर विनिर्माण को भारत की घरेलू क्षमता बढ़ाने से जोड़ा गया है।

डिजिटल तकनीक और अंतरिक्ष क्षेत्र का जिक्र

प्रस्ताव में जन धन, आधार और मोबाइल कनेक्टिविटी को सरकारी योजनाओं के वितरण में सुधार से जोड़ा गया है। यूपीआई को देश की भुगतान व्यवस्था में बदलाव का प्रमुख उदाहरण बताया गया है।

कोविड-19 के दौरान वैक्सीन विकास और टीकाकरण के साथ चंद्रयान-3 की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट सफल लैंडिंग का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी तथा बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम को भी प्रस्ताव में शामिल किया गया है।

राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति भी चर्चा में

प्रस्ताव में 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 के बालाकोट हवाई हमले और 2025 के ऑपरेशन सिंदूर को राष्ट्रीय सुरक्षा नीति के संदर्भ में रखा गया है। इसके साथ अनुच्छेद 370 हटाने, वन रैंक वन पेंशन और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद बनाने का भी उल्लेख किया गया है।

माओवादी हिंसा के खिलाफ कार्रवाई और पूर्वोत्तर में शांति प्रयासों को भी सरकार के राष्ट्रीय सुरक्षा और विकास संबंधी दृष्टिकोण से जोड़ा गया है।

विदेश नीति के संदर्भ में जी20 और ब्रिक्स में सहमति बनाने, विकासशील देशों के मुद्दे उठाने और अफ्रीकी संघ को जी20 में शामिल कराने का उल्लेख है। वैक्सीन मैत्री अभियान और प्रधानमंत्री मोदी को विभिन्न देशों से मिले 36 सम्मानों को भी प्रस्ताव में भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय भूमिका से जोड़ा गया है।

प्रस्ताव के अंतिम हिस्से में जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, योग, मोटे अनाज और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े प्रयासों का उल्लेख करते हुए 2047 तक विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता जताई गई है।