गुरुग्राम: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, झाड़सा में मंगलवार को पॉक्सो अधिनियम को लेकर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विद्यार्थियों को बच्चों के खिलाफ लैंगिक अपराधों से सुरक्षा, उनके कानूनी अधिकारों और ऐसी घटनाओं की सूचना देने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई।
यह कार्यक्रम पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देशों और हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण, पंचकूला के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, गुरुग्राम की ओर से आयोजित किया गया। कार्यक्रम जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के अध्यक्ष नरेंद्र सुरा के निर्देशन में हुआ।
यह भी पढ़ें -करनाल की मंडियों में 69,633 मीट्रिक टन धान की आवक, खरीद एजेंसियों को उठान के निर्देश
बच्चों को पॉक्सो अधिनियम के प्रावधान बताए
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव निशा ने विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पॉक्सो कानून का उद्देश्य बच्चों को लैंगिक अपराधों से सुरक्षा देना और ऐसे मामलों में बच्चों के लिए सुरक्षित, संवेदनशील तथा बाल-अनुकूल कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपने आसपास होने वाले अनुचित व्यवहार के प्रति सतर्क रहने को कहा। साथ ही, किसी घटना की जानकारी होने पर उसे माता-पिता, अध्यापक या किसी विश्वसनीय व्यक्ति के साथ तुरंत साझा करने के लिए प्रेरित किया।
यह भी पढ़ें -रोहतक: सांपला में सेवा सेतु शिविर, 7 से 9 अक्तूबर तक गांवों में भी कैंप
डर या झिझक के कारण घटना न छिपाएं
अधिवक्ता दमन शर्मा और रवि ने विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम के तहत बच्चों को मिलने वाले अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा और अपराध की सूचना देने की प्रक्रिया के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि किसी भी अनुचित घटना की जानकारी होने पर डर या झिझक के कारण उसे छिपाना नहीं चाहिए। ऐसी स्थिति में समय पर संबंधित व्यक्ति या सक्षम प्राधिकरण को सूचना देना जरूरी है।
यह भी पढ़ें -करनाल में 22,724 एकड़ गन्ने का सर्वे पूरा, 10 अक्टूबर तक किसान दर्ज कर सकेंगे सहमति या एतराज
विद्यार्थियों को कानूनी जागरूकता पर जोर
शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाने पर जोर दिया गया कि व्यक्तिगत सुरक्षा के साथ-साथ अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी होना भी जरूरी है। कार्यक्रम में पॉक्सो कानून के प्रावधानों को विद्यार्थियों के लिए सरल तरीके से समझाया गया।







