मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए जानलेवा हमले की साजिश रचने के आरोप में पकड़े गए तीन आरोपियों को अदालत ने 28 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। हरियाणा के सोनीपत से दबोचे गए इन तीनों आरोपियों - अंकित खट्टर, समीर खत्री और जतिन पांचाल को मुंबई पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर लेकर यहां पहुंची थी, जहां अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डी एस खेडकर की अदालत में पेशी के बाद रिमांड आदेश जारी हुआ।
मुंबई के पॉश इलाके जुहू में 18 अक्टूबर को अभिनेता को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी। इस सनसनीखेज वारदात में अभिनेता बाल-बाल बच गए थे, जबकि मौके पर मौजूद दो अन्य लोग गोली लगने से जख्मी हो गए थे। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ ही लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट का नाम सामने आया है।
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रेकी से लेकर भागने का रूट तक, तीनों ने संभाला था पूरा बैकएंड
जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि पकड़े गए तीनों आरोपी महज मददगार नहीं, बल्कि हमले की जमीनी तैयारी के मुख्य सूत्रधार थे। इनमें से अंकित खट्टर ने वारदात से पहले जुहू स्थित घटनास्थल की बाकायदा रेकी की थी और शूटरों को पूरी लोकेशन शेयर की थी। इतना ही नहीं, गोलीबारी के बाद शूटरों को राज्य की सीमा से बाहर सुरक्षित कैसे निकालना है, इसका पूरा एस्केप प्लान भी अंकित ने ही तैयार किया था।
वहीं समीर खत्री और जतिन पांचाल पर साजिश के लिए फंड जुटाने और अवैध हथियार मुहैया कराने की जिम्मेदारी थी। पुलिस के मुताबिक, लॉजिस्टिक्स सपोर्ट से लेकर शूटरों तक हथियार पहुंचाने की पूरी चेन में इन दोनों की सीधी भूमिका रही है।
अमेरिका से जुड़े तार, अब तक 10 लोग सलाखों के पीछे
पूछताछ और डिजिटल इनपुट्स से खुलासा हुआ है कि जतिन पांचाल और समीर खत्री लगातार विदेश में बैठे वांछित गैंगस्टर अनिल पंडित के संपर्क में थे। 32 वर्षीय अनिल पंडित कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सक्रिय सदस्य है और फिलहाल अमेरिका में बैठकर नेटवर्क ऑपरेट कर रहा है। हमले के ठीक बाद उसने सोशल मीडिया पोस्ट डालकर इस वारदात की जिम्मेदारी भी ली थी।
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मुंबई पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की गंभीर धाराओं, जिनमें हत्या का प्रयास शामिल है, के तहत केस दर्ज किया है। इस पूरे षड्यंत्र में शामिल शूटरों और मददगारों को मिलाकर पुलिस अब तक कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस अब रिमांड के दौरान विदेशी हैंडलर और लोकल नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।


