Aaj Ka Mausam Ka Haal: केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में शुक्रवार को मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा। दिनभर तेज धूप निकलने के आसार हैं और बारिश की कोई संभावना नहीं है। हालांकि, मौसम का यह मिजाज ज्यादा देर टिकने वाला नहीं है। मौसम विज्ञान केंद्र (चंडीगढ़) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, शनिवार (24 अक्टूबर) से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) एक्टिव हो रहा है। इसके असर से अगले 48 घंटों के दौरान सूबे के कुछ चुनिंदा जिलों में बादलों का डेरा रहेगा और बूंदाबांदी या हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तरी हरियाणा और उसके आसपास के इलाकों में समुद्र तल से करीब 1.5 किलोमीटर ऊपर चक्रवाती हवाओं का दबाव बना हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के संयुक्त प्रभाव से 24 और 25 अक्टूबर को मौसम में तब्दीली देखने को मिलेगी। हालांकि, राहत की बात यह है कि 26 अक्टूबर से आसमान फिर साफ हो जाएगा और मौसम दोबारा शुष्क होने का अनुमान है।
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कुछ ही हिस्सों में बरसेंगे बादल, हर जगह नहीं होगी बारिश
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह मौसमी बदलाव पूरे राज्य में एक समान नहीं दिखेगा। सिस्टम का असर सीमित रहने के चलते सभी जिलों में एक साथ बारिश नहीं होगी, बल्कि कुछ खास पॉकेट्स में ही हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। स्थानीय मौसमी परिस्थितियों और हवा के रुख पर ही बारिश का दायरा निर्भर करेगा। ऐसे में खुले आसमान के नीचे काम करने वाले लोगों और विशेष रूप से खरीफ फसल की कटाई या रबी की बुआई की तैयारी में जुटे किसानों को अगले दो-तीन दिन मौसम के अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
दिन में गर्मी बरकरार, बठिंडा रहा सबसे गर्म
राज्य के तापमान में 0.1 डिग्री सेल्सियस की मामूली गिरावट दर्ज की गई है, जो इस बात का संकेत है कि गुलाबी ठंड धीरे-धीरे दस्तक दे रही है। इसके बावजूद दोपहर के समय गर्मी का असर अभी भी लोगों को परेशान कर रहा है। बीते 24 घंटों के दौरान बठिंडा 36.6 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ पंजाब का सबसे गर्म इलाका दर्ज किया गया। जानकारों का मानना है कि 24 और 25 अक्टूबर को बादल घिरने और हल्की फुहारें पड़ने के बाद दिन के तापमान में और गिरावट आ सकती है, जिससे उमस और तीखी धूप से फौरी राहत मिलेगी।
पारे में नरमी से बिजली की मांग घटी, 125 MW कम ली गई सप्लाई
मौसम के करवट लेने और रात के तापमान में गिरावट का सीधा असर पंजाब के पावर ग्रिड पर दिखने लगा है। पंखों और एसी का इस्तेमाल कम होने से बिजली की खपत में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है। शुक्रवार सुबह 6 बजे राज्य में कुल बिजली मांग सिमटकर 6,420 मेगावाट रह गई।
पंजाब को तय शेड्यूल के तहत 3,158 मेगावाट बिजली लेनी थी, लेकिन जरूरत कम होने के कारण राज्य ने 125 मेगावाट कम यानी सिर्फ 3,033 मेगावाट बिजली ही ली। राज्य के अपने उत्पादन संयंत्रों से सुबह के वक्त 3,390 मेगावाट बिजली का उत्पादन दर्ज हुआ। इस दौरान बिजली ग्रिड की फ्रीक्वेंसी 49.97 हर्ट्ज पर स्थिर बनी रही। आने वाले दिनों में यदि बारिश के बाद ठंड बढ़ती है, तो बिजली की इस मांग में और अधिक कमी आने की संभावना है।


