करनाल, 22 अक्तूबर। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को करनाल जिले के तरावड़ी कस्बे से 'खेत बचाओ अभियान' का शुभारंभ किया। उन्होंने किसानों से खादों का संतुलित उपयोग करने, फसल चक्र बदलने और धीरे-धीरे प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने पराली न जलाने की अपील भी की। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और वंदे मातरम से हुई।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तरावड़ी की जमीन में कार्बन की मात्रा अच्छी है और यहां के किसान पराली प्रबंधन भी कर रहे हैं, यह खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि जीने के लिए हवा, पानी और अन्न जरूरी हैं। अन्न ही ब्रह्म है।
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रासायनिक खाद से बिगड़ रही जमीन की सेहत
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि एक समय भारत में प्राकृतिक खेती अधिक होती थी, लेकिन धीरे-धीरे रासायनिक खाद और कीटनाशकों का प्रयोग बढ़ता गया। इससे जमीन की सेहत बिगड़ने लगी है और मिट्टी की उर्वरता घट रही है। इसका असर इंसानों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि यह भ्रम है कि जितनी अधिक रासायनिक खाद डालेंगे, पैदावार उतनी ही बढ़ेगी। रासायनिक खाद और कीटनाशकों से मित्र कीट भी मर रहे हैं और जमीन बंजर हो रही है। मिट्टी में मौजूद अरबों जीवाणु और जमीन में रहने वाले जीव-जंतु खत्म हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज केंचुए लगभग खत्म हो गए हैं, जबकि जमीन की उर्वरा शक्ति बढ़ाने में इनका सबसे बड़ा योगदान होता है।
फसल चक्र अपनाएं, धीरे-धीरे प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ें
केंद्रीय मंत्री ने किसानों से खाद का संतुलित प्रयोग करने और फसल चक्र अपनाने को कहा, यानी एक ही फसल को बार-बार न उगाएं। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने से जमीन की सेहत सुधरेगी और पैदावार भी अच्छी होगी।
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उन्होंने धान उत्पादक किसानों से पराली न जलाने की अपील की। पराली प्रबंधन के लिए हरियाणा सरकार के कदमों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों की सरकारों को भी हरियाणा का अनुसरण करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि खेत बचाओ अभियान 22 अक्तूबर से 30 नवंबर तक चलेगा। उन्होंने सभी से इसमें सहयोग करने को कहा और कृषि अधिकारियों व कर्मचारियों को गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए।
पीएम आवास योजना: हरियाणा में 28,422 घरों का लक्ष्य
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत वित्त वर्ष 2026-27 के लिए हरियाणा को 28,422 घरों का लक्ष्य दिया है। ये घर आवास सर्वेक्षण 2024 की सूची में शामिल पात्र परिवारों को दिए जाएंगे। इन घरों के निर्माण पर 341.06 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे राज्य के पात्र लाभार्थियों को घर बनाने के लिए सहायता मिलेगी।
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राणा बोले- जमीन की सेहत बचाने की चिंता करनी होगी
इससे पहले हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि आज जमीन की सेहत बचाने की चिंता करनी है। किसान लंबे समय से परंपरागत खेती करते आए हैं। उन्होंने कहा कि खेत में फसल को भी भोजन की जरूरत होती है और फसल का भोजन सूक्ष्म जीवाणु हैं। डीएपी, यूरिया और कीटनाशकों के कारण ये जीवाणु नष्ट हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सूक्ष्म जीवाणु बढ़ाने के लिए गोवंश का गोबर बहुत उपयोगी है। एक ग्राम गोवंश के गोबर में 300 करोड़ बैक्टीरिया होते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार 55 लाख किसानों को मृदा कार्ड जारी कर चुकी है, जिससे किसानों को पता चल जाता है कि उनकी जमीन में किस तत्व की कमी है।
श्याम सिंह राणा ने प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यह खर्च मुक्त है, जबकि रासायनिक खेती से किसानों पर कर्ज बढ़ रहा है।
तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने रखे विचार
कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में डॉ. रवींद्र ने गन्ने की खेती पर, डॉ. विवेक ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं पर और डॉ. नीतिन त्यागी ने डेयरी विषय पर जानकारी दी।
इस मौके पर ये लोग मौजूद रहे:
- आईसीएआर-एनडीआरआई के निदेशक धीर सिंह
- आईसीएआर के महानिदेशक एमएल जाट
- कृषि अनुसंधान परिषद के उपनिदेशक राजवीर सिंह
- कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव अभिजीत फुकन


