करनाल। चार एकड़ जमीन के ठेके की मामूली रकम को लेकर चार साल पहले हुए विवाद में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। करनाल के गांव डाबरी में अपनी ही बहू की गोली मारकर हत्या करने और बेटे पर जानलेवा हमला करने के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रजनीश कुमार शर्मा की कोर्ट ने 75 वर्षीय महेंद्र सिंह को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 1 लाख रुपये का कुल जुर्माना भी लगाया है।
पैसों की मांग और ट्यूबवेल के फ्यूज से बढ़ा था विवाद
पूरा विवाद 8 जून 2021 का है। गांव डाबरी निवासी अमरजीत सिंह अपने पिता महेंद्र सिंह और भाई कुलबीर के साथ संयुक्त परिवार में रहता था। परिवार की चार एकड़ जमीन ठेके पर दी गई थी जिसकी रकम पिता और छोटे भाई के पास थी। अमरजीत नया मकान बना रहा था और उसे पैसों की जरूरत थी, लेकिन उसे हिस्सा नहीं दिया जा रहा था। तंग आकर अमरजीत ने खेत के ट्यूबवेल का फ्यूज निकालकर अपने पास रख लिया। ठेकेदार द्वारा यह बात पिता को बताने पर घर में कलह शुरू हो गई।
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आंगन में दनादन दागीं गोलियां, कमरे में दुबक कर बचा बेटा
विवाद के बाद उसी रात करीब 9 बजे अमरजीत और उसकी पत्नी कुलविंद्र कौर आंगन में काम कर रहे थे। इसी दौरान महेंद्र सिंह अपनी लाइसेंसी बंदूक लेकर पहुंचा और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली सीधे कुलविंद्र को लगी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने बेटे अमरजीत पर भी गोलियां तानीं। अमरजीत भागकर कमरे में घुसा और अंदर से कुंडी लगा ली। आरोपी ने खिड़की और दरवाजे पर भी कई राउंड फायर किए।
अदालत ने इन धाराओं में सुनाई सजा
पुलिस ने अमरजीत के बयानों और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर केस दर्ज किया था। अदालत में उप जिला न्यायवादी सचिन कुमार ने साक्ष्य व गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने धारा 302 के तहत उम्रकैद और 50 हजार रुपये जुर्माना, आर्म्स एक्ट में 7 साल कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना और मारपीट में 6 महीने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।






