पलवल: रबी सीजन (Rabi Season) की शुरुआत के साथ ही खेतों में गेहूं और सरसों की बिजाई की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी बीच डाई-अमोनियम फॉस्फेट यानी डीएपी (DAP) की मांग को देखते हुए कृषि विभाग (Agriculture Department) अलर्ट मोड पर आ गया है। जिले में खाद की किल्लत की आशंकाओं को खारिज करते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगामी 48 घंटों के भीतर जिले को दो पूरी मालगाड़ी रैक मिलने जा रही हैं, जिससे वितरण व्यवस्था पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।
सोमवार को उप-कृषि निदेशक डॉ. जगिर सिंह की अध्यक्षता में होडल और हसनपुर ब्लॉक के थोक और खुदरा उर्वरक विक्रेताओं के साथ समीक्षा बैठक हुई। बैठक में खाद की मौजूदा आपूर्ति, स्टॉक रजिस्टर और वितरण प्रणाली की गहन समीक्षा की गई।
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जबरन दूसरा सामान थोपने वालों पर होगा कड़ा एक्शन
प्रशासन ने खाद विक्रेताओं की मनमानी और गैर-कानूनी टैगिंग खाद के साथ अन्य महंगे कीटनाशक या जिंक जबरन बेचने की प्रथा) पर सख्त रुख अख्तियार किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी डीलर ने किसान पर डीएपी के साथ कोई दूसरा उत्पाद थोपने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज कर लाइसेंस रद्द किया जाएगा।
'मेरी फसल-मेरा ब्यौरा' पोर्टल से ही मिलेगी खाद
कालाबाजारी रोकने और वास्तविक किसानों तक खाद पहुंचाने के लिए वितरण पूरी तरह से 'मेरी फसल-मेरा ब्यौरा' के सत्यापित आंकड़ों के आधार पर ही किया जाएगा। अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे पैनिक बाइंग (Panic Buying - घबराहट में जरूरत से ज्यादा खरीद) न करें और धैर्य रखें।
खाद का वितरण केवल प्राथमिक कृषि ऋण समितियों और अधिकृत डीलरों के माध्यम से पीओएस मशीनों द्वारा ही किया जाएगा। प्रत्येक वितरण केंद्र पर फील्ड अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है ताकि लंबी कतारों और अव्यवस्था से बचा जा सके।








