नूंह: हरियाणा सरकार की जनसमस्या निवारण बैठकों में अब अफसरों की जवाबदेही केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी। नूंह में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में पहुंचे प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल ने लापरवाह अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। बैठक का रुख उस वक्त बेहद सख्त हो गया जब मंत्री ने जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी की बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (Biometric Attendance System) के रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच कराने का आदेश सीधे उपायुक्त अखिल पिलानी को थमा दिया।
प्रशासनिक कार्यशैली में पारदर्शिता लाने के लिए मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब हर उस विभाग की सूची बनेगी जहां बायोमेट्रिक मशीनें लगी हैं। सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की गैरहाजिरी और देरी से आने के ढर्रे को तोड़ने के लिए अधिकारियों को औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि जनता के काम में देरी या टालमटोल किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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बैठक में किसानों के लिए खाद की किल्लत और वितरण व्यवस्था का मुद्दा भी गरमाया। मंत्री विपुल गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रबी सीजन के दौरान किसानों को डीएपी (DAP Fertilizer) हासिल करने में कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए। उन्होंने चेताया कि यदि किसी वितरक या दुकानदार ने खाद की कालाबाजारी या मनमानी की, तो उसके खिलाफ सीधा कानूनी एक्शन लिया जाएगा।
इसके अलावा, ग्राम सिंघलहेड़ी में बच्चों के हिस्से का राशन खुर्द-बुर्द करने की शिकायत पर महिला एवं बाल विकास विभाग को जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की जमीनी जांच करने का फरमान सुनाया गया। फिरोजपुर झिरका की निवासी साहिला द्वारा दर्ज कराई गई प्रताड़ना की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने उप पुलिस उपाधीक्षक को 7 दिन के भीतर निष्पक्ष जांच पूरी करने की समयसीमा तय की। इस दौरान सोहना विधायक तेजपाल तंवर, एसपी डॉ. अर्पित जैन सहित जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद रहे।








