रेवाड़ी: हरियाणा सरकार ने प्रदेश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेशभर में लंबे समय से खाली पड़े उचित मूल्य की दुकानों यानी राशन डिपो के नए लाइसेंस जारी करने की आधिकारिक कवायद शुरू कर दी गई है। इस नई आवंटन नीति में महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए कुल दुकानों में से 33 प्रतिशत कोटा महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है।
रेवाड़ी के उपायुक्त अभिषेक मीणा ने इस संबंध में पुष्टि करते हुए बताया कि सरकार की इस पहल का दोहरा उद्देश्य है - पहला, गांव-देहात और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले गरीब व जरूरतमंद परिवारों तक अनाज की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना और दूसरा, स्थानीय स्तर पर युवाओं व महिलाओं के लिए स्वरोजगार के ठोस अवसर तैयार करना। महिलाओं की एक-तिहाई भागीदारी तय होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उनकी सीधी वित्तीय हिस्सेदारी बढ़ेगी।
यह भी पढ़ें -किसानों के लिए बड़ी राहत: दो दिन में पहुंचेगी DAP की 2 रैक, खाद टैगिंग करने वाले डीलरों पर होगी FIR
प्रशासन के अनुसार, पूरी चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल रखा गया है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। इच्छुक और पात्र आवेदक हरियाणा अंत्योदय सरल पोर्टल saralharyana.gov.in पर जाकर अपना ऑनलाइन आवेदन दर्ज कर सकते हैं। आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम समय-सीमा 10 नवंबर निर्धारित की गई है।
आवेदकों को सलाह दी गई है कि वे फॉर्म भरने से पहले खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की आधिकारिक वेबसाइट haryanafood.gov.in पर जाकर विस्तृत दिशा-निर्देश और पात्रता शर्तें अनिवार्य रूप से जांच लें। तय तारीख के बाद किसी भी तरह के ऑफलाइन या देरी से आए आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।








